उदयपुर के रेलवे स्टेशन पर 1 जनवरी से यह आंदोलन होना था। रेलवे बोर्ड द्वारा पशु हादसों को रोकने के लिए उदयपुर- अहमदाबाद ट्रैक पर बाउन्ड्री वॉल तारबंदी के लिए 158 करोड़ का बजट आवंटित कर दिया गया है।
उदयपुर – डूंगरपुर रेलवे ट्रैक पर होने वाले पशु हादसों की रोकथाम के लिए नए साल पर होने वाले आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। जीव रक्षा की जन जागरूकता मुहिम के तहत उदयपुर के रेलवे स्टेशन पर 1 जनवरी से यह आंदोलन होना था। रेलवे बोर्ड द्वारा पशु हादसों को रो
दरअसल उदयपुर-डूंगरपुर रेलवे ट्रैक के आसपास बसे 54 गांवों के 400 किमी से ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था। इसमें निजी वाहन और साउंड सिस्टम के माध्यम से पेंपलेट वितरित कर हर गांव बार के सरपंच एंव जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मीटिंग कर पशुपालकों को अपने पशुओं को ट्रेनों के संचालन के दौरान रेलवे ट्रैक से दूर रखने का निवेदन किया जा रहा था। समय समय पर जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों को दिल्ली, जयपुर, अजमेर, उदयपुर एंव डूंगरपुर जाकर ज्ञापन के माध्यम से इस ट्रैक पर तारबंदी की मांग की गई। यह मुहिम एक जन आंदोलन में बदल गई और दूसरे वर्ष में ट्वीटर पर खूनी ट्रैक के नाम से अभियान चला। इसमें हजारों की संख्या में ट्वीट किए गए।
इसके बाद 7 दिसंबर को राजस्थान के सभी स्टेशनों पर प्रधानमंत्री, रेल मंत्री महाप्रबंधक जयपुर, मंडल प्रबंधक अजमेर और स्टेशन अधिकारियों को स्थाई तारबंदी की मांग को लेकर ज्ञापन दिए गए। लगभग 3 वर्ष तक चले इस आंदोलन के बाद उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा इस ट्रैक पर बाउन्ड्री वाल व फेंसिंग के लिए प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा गया।
रेलवे के उच्च स्तरीय अधिकारियों तक यह जानकारी पहुंची। इस पर रेलवे बोर्ड द्वारा इन पशु हादसों को रोकने के लिए उदयपुर-डूंगरपुर रेलवे की प्राथमिकता के साथ चिन्हित उदयपुर- अहमदाबाद ट्रैक बाउन्ड्री वाल तारबंदी के लिए 158 करोड़ का बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की। रेलवे के अधिकारियों द्वारा फरवरी तक काम शुरू होने के आश्वासन दिया गया है। इस पर 01 जनवरी 2026 को उदयपुर रेलवे स्टेशन पर होने वाले आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
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