उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए 29 मार्च से मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर लागू होने जा रहे नए समर शेड्यूल में उड़ानों की संख्या में भारी कटौती की गई है, जिससे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों की कनेक्टिविटी लगभग आधी रह जाएगी। सबसे ज्यादा झटका उन हजारों छात्रों और प्रोफेशनल्स को लगा है, जो लंबे समय से पुणे के लिए डायरेक्ट फ्लाइट की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन इस बार भी उनके हाथ खाली रहे। शेड्यूल के अनुसार दिल्ली के लिए अब 8 के बजाय केवल 4 फ्लाइट्स ही उड़ान भरेंगी, वहीं मुंबई के लिए भी संख्या 8 से घटकर 5 रह गई है। इंदौर की फ्लाइट पूरी तरह बंद कर दी गई है, जबकि बेंगलुरु के लिए अब सिर्फ एक विकल्प बचेगा। जयपुर रूट पर राहत है, लेकिन वहां भी समय में बड़ा बदलाव किया गया है। यह पूरा शेड्यूल फिलहाल एयरलाइंस की टेंटेटिव बुकिंग के आधार पर सामने आया है, जिससे आने वाले दिनों में हवाई किराये में बढ़ोतरी की भी आशंका है। दिल्ली और मुंबई के लिए अब आधे विकल्प, किराया बढ़ेगा विंटर शेड्यूल के मुकाबले इस बार समर शेड्यूल में फ्लाइट्स का ग्राफ काफी नीचे गिरा है। दिल्ली के लिए जहां पहले 8 फ्लाइट्स ऑपरेट होती थीं, अब 29 मार्च से केवल 4 ही चलेंगी। इनमें दो फ्लाइट इंडिगो की और दो एयर इंडिया की शामिल हैं। इसी तरह आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए भी उड़ानों की संख्या 8 से घटकर 5 रह गई है। फ्लाइट्स कम होने का सीधा असर पैसेंजर्स की जेब पर पड़ेगा। सीटों की संख्या कम होने और डिमांड अधिक रहने से आने वाले दिनों में दिल्ली-मुंबई का टिकट काफी महंगा हो सकता है। आईटी सिटी बेंगलुरु जाने वालों को भी मायूसी हाथ लगी है, क्योंकि वहां के लिए अब 3 के बजाय सिर्फ 1 फ्लाइट ही उपलब्ध होगी। वहीं, इंदौर जाने वाले यात्रियों के लिए खबर और भी खराब है। विंटर शेड्यूल में चल रही इंदौर की फ्लाइट को इस समर शेड्यूल में पूरी तरह हटा दिया गया है। इससे व्यापारिक दृष्टिकोण से जुड़े लोगों को अब सड़क मार्ग या लंबी दूरी तय कर दूसरे शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी होगी। जयपुर रूट पर राहत, लेकिन बदल गया फ्लाइट का टाइम राहत की बात सिर्फ इतनी है कि प्रदेश की राजधानी जयपुर के लिए चलने वाली उड़ानों में कोई कटौती नहीं की गई है। विंटर शेड्यूल की तरह ही 2 फ्लाइट्स यथावत रहेंगी। हालांकि, इनके समय में बड़ा फेरबदल हुआ है। वर्तमान में जो फ्लाइट सुबह 7:55 पर उदयपुर आती है, वह 29 मार्च से सुबह 11:25 पर आएगी। वहीं, शाम को आने वाली फ्लाइट अपने निर्धारित समय से 45 मिनट जल्दी यानी शाम 5:50 पर उदयपुर पहुंचेगी। छात्रों और प्रोफेशनल्स की उम्मीद फिर टूटी उदयपुर संभाग के लोगो में खासकर युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को उम्मीद थी कि इस बार पुणे के लिए सीधी उड़ान शुरू होगी, लेकिन इस बार भी निराशा ही हाथ लगी है। उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जैसे जिलों के हजारों छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल और एमबीए की पढ़ाई के लिए पुणे में रहते हैं। साथ ही आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में काम करने वाले प्रोफेशनल भी बड़ी संख्या में वहां बसे हैं। डायरेक्ट फ्लाइट न होने से उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे 5 से 10 घंटे का समय बर्बाद होता है और किराया भी काफी महंगा पड़ता है। पिछले साल अक्टूबर 2025 में इंडिगो ने इसे शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अंतिम समय पर इसे रद्द कर दिया गया था। अब एक बार फिर पुणे के लिए सीधी उड़ान न मिलना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर सवाल खड़े कर रहा है। टूरिज्म और बिजनेस पर पड़ेगा सीधा असर
उदयपुर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और गर्मियों की छुट्टियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। प्रमुख महानगरों से फ्लाइट्स कम होने से पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ने की आशंका है। डायरेक्ट कनेक्टिविटी कम होने से विदेशी और घरेलू पर्यटक दूसरे डेस्टिनेशन का रुख कर सकते हैं। फिलहाल यह टेंटेटिव शेड्यूल है, यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एयरलाइंस कंपनियां डिमांड को देखते हुए कुछ और उड़ानें जोड़ सकती हैं।
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