विपक्ष समेत पार्टी में अंदरूनी विरोध के बाद सरकार के निर्देश पर पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) ने केस का जांच अधिकारी बदल दिया है। जांच एएसपी (हेडक्वार्टर) गोपाल स्वरूप मेवाड़ा करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को गिर्वा DSP गोपाल चंदेल को जांच से हटा दिया।
उदयपुर में बीजेपी नेत्री के AI की मदद से अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने के आरोप मामले में नया मोड़ आया है। विपक्ष समेत पार्टी में अंदरूनी विरोध के बाद सरकार के निर्देश पर पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) ने केस का जांच अधिकारी बदल दिया है। पिछले दिनों इ
जूली ने कहा था कि उदयपुर फाइल्स की पूरे प्रदेश में चर्चा है। इसके बहुत ज्यादा दस्तावेज मेरे पास हैं। उदयपुर फाइल्स तो एपस्टीन फाइल्स से भी बड़ी है। सदन की मर्यादा रख रहा हूं, नहीं तो इससे जुड़े एक-एक व्यक्ति (भाजपा नेताओं) की परतें यहीं खोल देता।
उन्होंने सीएम भजनलाल शर्मा से कहा था कि इस उदयपुर फाइल्स में क्या है? आप सच्चाई का साथ देना चाहते हैं तो इस पूरे प्रकरण की सच्चाई से जांच कराइए। चाहे भाजपा के नेता हों तो भी ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अब केस की जांच एएसपी (हेडक्वार्टर) गोपाल स्वरूप मेवाड़ा करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को गिर्वा DSP गोपाल चंदेल को जांच से हटा दिया। चंदेल के बजाय अब मेवाड़ा इस पूरे केस की विस्तृत जांच करेंगे। गोपाल स्वरूप मेवाड़ा उदयपुर सिटी के एएसपी भी रह चुके हैं।
जांच अधिकारी बदला
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष समेत उदयपुर के कई बड़े बीजेपी पदाधिकारियों से मिले इनपुट के बाद सरकार ने जांच बदलने के निर्देश दिए। एएसपी मेवाड़ा अब इस केस की पहले से लेकर अब तक की डेवलपमेंट की जानकारी जुटाएंगे और फाइल अपने पास लेंगे। इसमें केस के आरोपी विशाल गुर्जर से हुई पूछताछ और मौजूदा सबूतों समेत अन्य तथ्यों पर विस्तृत जांच करेंगे।
जांच अधिकारी बदलने के पीछे राज्य सरकार की मंशा इस ब्लैकमेलिंग केस की निष्पक्ष जांच करवाना है, ताकि पार्टी पदाधिकारियों के लिए चर्चाओं को रोका जा सके। जांच अधिकारी बदलने के बाद अब वीडियो कांड के तथाकथित बीजेपी नेता भी चिंता में हैं।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा- एएसआई ने ही दूसरे सर्कल के डिप्टी को जांच सौंप दी
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि एआई से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाने वाली पीड़िता भी भाजपा की है। जिस अधिवक्ता विशाल गुर्जर पर आरोप हैं वह भी भाजपा का है। पुलिस के साथ आरोपी अधिवक्ता विशाल के घर पहुंचकर उसके घर का दरवाजा तोड़ने व तोड़फोड़ करने वाले भी भाजपा के हैं। गत 11 फरवरी को रात 10:50 बजे भाजपा नेत्री ने साथी अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
एएआई ने मुकदमा दर्ज कर एफआईआर में ही दूसरे सर्कल के डिप्टी को जांच सौंप दी। रात 2:20 बजे पुलिस आरोपी के घर पहुंचकर रैकी करती है। रात 3 बजे सब्बल-हथौड़ों से लैस भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस अधिकारी-जवान पहुंचते हैं। फिर आरोपी के घर के दरवाजे को तोड़ते हैं। सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, मोबाइल फोन जब्त किए। पुलिस जब भी जब्ती की कार्रवाई करती है तो वीडियो बनाकर आवश्यक रूप से पुलिस की एप ई-साक्ष्य पर अपलोड करने होते हैं।
जूली के साथ आरएलपी प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बेनीवाल ने कहा था – इस सीडी में सीएमओ के लोग, कैबिनेट मिनिस्टर, कुछ पार्टी-संगठन के पदाधिकारी भी हैं। उन्होंने कहा- 1 या 2 दिनों में उनके पास वीडियो आ जाएंगे। ये एक तरह से एपस्टिन की तरह ही है। इसमें उदयपुर फाइल्स के बाद पूरी भारतीय जनता पार्टी के कपड़े उतर जाएंगे।
उन्होंने कहा- इस मामले में कांग्रेस पता नहीं क्या सौदेबाजी कर रही है। कांग्रेस को जिन्होंने सीडी दी है। वह पिछले कई दिनों से कह रहा है कि हमने कांग्रेस नेताओं को यह सीडी देकर गलती कर दी है। उन्होंने सेटिंग कर ली है।
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