किसान का बेटा बना लेफ्टिनेंट और पूर्व फौजी का बेटा फाइटर पायलट
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के दो युवाओं ने सेना में अफसर बनकर क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है। नगुण पट्टी के विकोल गांव निवासी प्रदीप सिंह रावत आईएएम से पास आउट होकर लेफ्टिनेंट बने हैं। वहीं ग्राम पंचायत डोबन के पलूंजा गांव निवासी मयंक सिंह पडियार ने हैदराबाद की एयरफोर्स अकादमी से फाइटर जेट पायलट बनकर पासआउट हुए हैं।
लेफ्टिनेंट बने प्रदीप रावत की प्रारंभिक शिक्षा मैरी माता स्कूल चिन्यालीसौड़, डीबीएस कालेज देहरादून से स्नातक और इसके बाद एनडीए के लिए चयन हुआ। बीते 13 दिसंबर को आईएमए देहरादून से पासआउट होने के बाद वे सेना में अफसर बने हैं। प्रदीप के पिता किशन सिंह रावत किसान और मां पार्वती देवी गृहणी है।
परिवार में तीन भाइयों में प्रदीप सबसे बड़े है। बेटे की कामयाबी पर पिता किशन सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें नाज है कि उनका बेटा भारतीय सेना का हिस्सा बन गया है। वहीं ग्राम पंचायत डोबन के पलूंजा गांव निवासी व वर्तमान में उत्तरकाशी के गणेशपुर में निवासरत मयंक सिंह पडियार के पिता विजय सिंह पडियार ने बताया कि मयंक में बचपन से ही सेना में जाने की इच्छा थी।
विजय सिंह पडियार भी 11-गढ़वाल राइफल में 17 साल की सेवा करने के बाद हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। मयंक की एक छोटी बहन है। मयंक की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय उत्तरकाशी से हुई उसके बाद उच्च शिक्षा देहरादून के उत्तरांचल विवि से हुई। वह बीते 13 दिसंबर को एयरफोर्स अकादमी हैदराबाद से फाइटर जेट पायलट बनाकर पासआउट हुए हैं।
दोनों युवाओं की इस कामयाबी पर क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार, थौलधार के पूर्व प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, बबीता शाह, प्रभा बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल, राजेंद्र रांगड़़, पूर्व जिला पंचायत जयवीर रावत, भाजपा के मंडल अध्यक्ष ललित खंडूरी, सुरेश नौटियाल ने खुशी जताई है।
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