इंग्लैंड भेजने के नाम पर 40 लाख रुपये की ठगी करने वाले ट्रैवल एजेंट लखवीर सिंह सिद्धू निवासी मुल्लांपुर दाखा और उसकी पार्टनर रीना रानी निवासी अब्बूवाल रोड को सुधार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों न थाना सुधार में तैनात एएसआई मनोहर लाल के बेटे चानणप्रीत सिंह और मोगा के मनविंदर सिंह को ठगा था।
थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि लखवीर सिंह सिद्धू और रीना रानी के अलावा होशियारपुर के ट्रैवल एजेंट महेश कुमार वर्मा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए हैं। एएसआई मनोहर लाल के साथ 33 लाख रुपये की ठगी मामले में तीनों को नामजद किया गया है जबकि मनविंदर सिंह के साथ 6 लाख 50 हजार रुपये की ठगी में लखवीर सिंह और रीना रानी नामजद हैं।
दोनों केस में मंगलवार को दर्ज करके लखवीर सिंह सिद्धू और रीना रानी को अदालत में पेश करके दो दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। वहीं महेश कुमार वर्मा को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है। एएसआई मनोहर लाल ने अपनी शिकायत में बताया कि बेटे चानणप्रीत सिंह को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिये सुधार बाजार स्थित सेफ कंसल्टेंट्स इमीग्रेशन के मालिक लखवीर सिंह सिद्धू और रीना रानी से बात की थी। दोनों ने कहा कि लुधियाना के गांव चमिंडा की किरनजीत कौर का इंग्लैंड यूनिवर्सिटी से ऑफर लेटर आया है और उसके साथ पेपर मैरिज करके चानणप्रीत को इंग्लैंड भेज सकते हैं। यूनिवर्सिटी की फीस वीजा यात्री टिकट और सारे खर्चे मिलाकर 33 लाख में सौदा तय हो गया। चानणप्रीत की किरनजीत कौर से पेपर मैरिज करवा दी गई।
विभिन्न तारीखों को कुल मिलाकर उन्होंने 33 लाख रुपये दे दिये और चानणप्रीत 7 नवंबर 2025 को इंग्लैंड पहुंच गया। वहां पहुंचते ही चानणप्रीत को पहला झटका तब लगा जब उसकी पत्नी किरनजीत कौर ने बताया कि एजेंटों ने यूनिवर्सिटी की फीस नहीं भरी और एम्बेसी से भी ईमेल आई है। 13 नवंबर 2025 को होशियारपुर के एजेंट महेश कुमार वर्मा ने चानणप्रीत को इंग्लैंड में फ़ोन करके कहा कि लखवीर और रीना रानी ने उसके जरिये वीजा फाइल लगवा कर उसके 9 लाख रुपये नहीं दिए हैं और यूनिवर्सिटी की फीस भी नहीं भरी है। 16 दिसंबर 2025 को इंग्लैंड एम्बेसी ने चानणप्रीत और किरनजीत कौर का वीजा रद्द कर दिया और उन्हें यूनिवर्सिटी ने भी निकाल दिया।
पांच जनवरी को यूनिवर्सिटी ने एम्बेसी के निर्णय का पालन करते हुए भारत वापस जाने की ईमेल कर दी। एएसआई मनोहर लाल के अनुसार बार बार एजेंटों के दफ्तर के चक्कर काटने के बाद भी उनकी एक नहीं सुनी और ऊंची पहुंच की धमकियां दी गई। उन्होंने कहा कि 33 लाख में से 15 महेश कुमार वर्मा और 18 लाख लखवीर सिंह सिद्धू और रीना रानी हड़प गए। मनोहर लाल ने कहा है कि एजेंटों ने जो बीबीए की डिग्री की मदद से किरनजीत कौर का वीजा लिया था वो भी फर्जी है और किरनजीत और उसकी मां भी एजेंटों के साथ मिले हुए हैं।
मोगा के गांव लाधायिका निवासी मनविंदर सिंह ने अपनी शिकायत में बताया है कि वो और उसकी पत्नी किरनदीप कौर उच्च शिक्षा प्राप्त हैं और विदेश में सेटल होना चाहते थे। लखवीर सिंह सिद्धू और रीना रानी ने जुलाई 2024 में दोनों को वर्क परमिट पर इंग्लैंड भेजने के लिये 35 लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट किया था। एडवांस के तौर पर 6 लाख 50 हजार ले लिये। दोनों एजेंटों ने सिक्योरिटी के नाम पर 3 खाली चेक पर हस्ताक्षर लेकर रख लिये। इसके बाद उन्हें इंग्लैंड नहीं भेजा और टालमटोल करते रहे। मनविंदर सिंह ने बताया कि वो अपने साथ रामगढ़ भुल्लर गांव के सरपंच सुखमिंदर सिंह को लेकर लखवीर सिंह सिद्धू और रीना रानी के दफ्तर कई बार गये लेकिन रुपये लौटाने के बजाय टांगे तोड़ने की धमकियां दी गई। उसने 24 नवंबर 2025 को जिला लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी डॉ़ अंकुर गुप्ता को शिकायत कर दी।
थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि लखवीर सिंह सिद्धू और रीना रानी के खिलाफ सुधार बाजार स्थित उनके दफ्तर पर कई और लोगों द्वारा प्रदर्शन करने की जानकारी भी मिली है। उन्होंने इन एजेंटों द्वारा ठगे गए अन्य लोगों से भी सामने आकर शिकायत करने की अपील की है।
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