रक्कड़ (कांगड़ा)। बालिका आश्रम गरली से मंगलवार को रहस्यमयी ढंग से लापता हुई दो नाबालिग छात्राओं को रक्कड़ पुलिस को बुधवार सुबह शिमला के बालूगंज से सुरक्षित मिल गईं। पुलिस ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग की मदद से छात्राओं को 24 घंटे के भीतर ढूंढ लिया है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 3:00 बजे गरली स्कूल से पढ़ाई के बाद आश्रम की करीब 20 छात्राएं केयरटेकर के साथ वापस लौट रही थीं। इसी दौरान 16 और 17 वर्षीय दो छात्राएं अचानक भीड़ से ओझल हो गईं। आश्रम प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना रक्कड़ पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर नाकेबंदी शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों छात्राएं पहले ज्वालामुखी पहुंचीं और वहां से रात 9:00 बजे पठानकोट-शिमला बस में सवार हो गईं। यात्रा के दौरान उन्होंने बस कंडक्टर के मोबाइल से किसी को कॉल किया। पुलिस ने इसी कॉल की लोकेशन के आधार पर रातभर उनकी मूवमेंट पर नजर रखी और बुधवार सुबह शिमला पहुंचते ही उन्हें स्थानीय पुलिस की मदद से डिटेन कर लिया।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ये दोनों छात्राएं पहले भी एक बार आश्रम से भाग चुकी हैं। इसी पृष्ठभूमि के कारण पुलिस ने संदिग्ध नंबरों को पहले ही ट्रेसिंग पर रखा था, जिससे इस बार सफलता जल्दी मिली।
लड़कियों को पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करके शिमला में अपने संरक्षण में ले लिया है। रक्कड़ पुलिस की टीम उन्हें वापस ला रही है। -मयंक चौधरी, एसपी देहरा।
छात्राओं को शिमला में डिटेन कर लिया गया है। यह समस्या बार-बार क्यों आ रही है और लड़कियों के भागने के पीछे असल कारण क्या हैं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। -कुलवंत पॉटन, एसडीएम देहरा
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.