बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा के दौरान मुंगेर जिले में सख्त समय-पालन कई परीक्षार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन गया। निर्धारित समय से मात्र दो से पांच मिनट की देरी से पहुंचने पर दर्जनों परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे वे परीक्षा देने से वंचित रह गए।
जिले में 25 केंद्रों पर हो रही है परीक्षा
मुंगेर जिले में इंटर परीक्षा के लिए कुल 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सदर अनुमंडल में 17, जबकि तारापुर और हवेली खड़गपुर अनुमंडल में चार-चार केंद्र शामिल हैं। सभी केंद्रों पर कुल 16,826 परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की व्यवस्था की गई थी।
बैजनाथ बालिका उच्च विद्यालय केंद्र पर भावुक दृश्य
शहर के बैजनाथ बालिका उच्च विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर दो मिनट की देरी से पहुंचे एक दर्जन से अधिक परीक्षार्थियों को मुख्य द्वार से ही लौटा दिया गया। परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों ने लगभग आधे घंटे तक प्रवेश की अनुमति के लिए अनुरोध किया, लेकिन केंद्र का गेट नहीं खोला गया। इस दौरान परीक्षार्थियों में गहरी निराशा और आक्रोश देखने को मिला।
अधिकारियों के समक्ष लगाई भविष्य की गुहार
ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों के सामने परीक्षार्थियों ने अपने भविष्य की दुहाई दी। हालांकि अधिकारियों ने जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों का हवाला देते हुए प्रवेश देने में असमर्थता जताई। स्थिति इतनी भावुक हो गई कि कई परीक्षार्थी फूट-फूटकर रोते नजर आए।
हवेली खड़गपुर में भी दो छात्राएं वंचित
इसी तरह हवेली खड़गपुर प्रखंड के राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर भी निर्धारित समय से विलंब से पहुंचने पर दो छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया गया। लंबे समय तक अनुरोध के बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिल सका।
परीक्षा से वंचित हुए परीक्षार्थियों ने समय सीमा में मामूली राहत की मांग की। वहीं प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता, अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय का कठोरता से पालन आवश्यक है और इसमें किसी प्रकार की ढील संभव नहीं है।
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