Traditional Way to Protect Crops: फसलों में रसायनिक खाद के प्रयोग से फसल में बीमारियां ख़त्म हो जाती हैं, लेकिन यह स्वास्थ्य को प्रभावित भी करती हैं. आप फसल में लगने वाले बीमारियों को जैविक तरीके से खत्म कर सकते हैं. यह दवाई बिना एक रुपया खर्च कर बना सकते हैं.
फसलों में होने वाली बीमारियों को जैविक तरीके से कैसे रोका जा सकता है, इस संबंध में लोकल 18 की टीम ने कृषि एक्सपर्ट खुलय जोशी से बातचीत की. खुलय जोशी जगदलपुर उद्यानिकी महाविद्यालय में प्रक्षेत्र सहायक हैं. खुलय जोशी ने बताया कि किसी भी फसल में बीमारी लगना आम बात है, जो लोग फसलों में केमिकल का उपयोग करते हैं, उसका प्रभाव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. वहीं फसलों के लिए घर पर जैविक तरीके से कीटनाशक का निर्माण किया जा सकता है. इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आता है. घर में मौजूद सामानों से ही कीटनाशक बनाया जा सकता है.
ऐसे बनाएं कीटनाशक
कीटनाशक बनाने के लिए नीम की पत्तियों और लहसुन को उबालकर उसके पानी को छान लें और फसलों में छिड़काव करें, इससे बीमारियां नहीं लगती हैं. इससे ट्रिप्स, माइंस जैसी बीमारियाँ इसकी गंध से दूर भाग जाती हैं. यदि घर पर यह दवाई नहीं बना पा रहे हैं, तो नीम के तेल का छिड़काव कर सकते हैं. वहीं नीम की खली को खेत में डाल सकते हैं.अगर चाहें तो ट्राइकोडर्मा का उपयोग भी कर सकते हैं. इसे मिट्टी में छिड़काव किया जाता है, यह मिट्टी के अंदर मौजूद कीड़ों और उनके अंडों को खत्म कर देता है.
ऐसे करें इसका इस्तेमाल
अगर एक एकड़ में कोई फसल लगी है, तो पांच से दस किलो नीम की खली डालनी चाहिए. आधे एकड़ में ढाई से पांच किलो तक डाली जा सकती है. नीम को उबालकर बनाई गई ये दवाइयां अधिक छिड़काव होने पर भी कोई नुकसान नहीं करती हैं. एक से दो किलो नीम की पत्तियां और लहसुन का रस निकालकर छिड़काव किया जा सकता है, या दोनों को उबालकर दवा का निर्माण किया जा सकता है.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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