बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे नगरपालिका पार्क से एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद व्यापारी रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। व्यापारियों ने इसे ‘निर्णायक शक्ति प्रदर्शन’ करार दिया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार बंसल और पूर्व चेयरमैन महेंद्र सैनी ने कहा कि यदि नियम में संशोधन नहीं किया गया तो वर्षों की मेहनत से खड़े किए गए प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। भीखाराम सैनी, सुगन भाई और अरुण गर्ग ने व्यापारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल व्यापार की नहीं, बल्कि सम्मान और अस्तित्व की है।
मैथली शरण बंसल, पांजीराम गुर्जर, हीराम सैनी और सीए रघुजी ने नियम के कानूनी और आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, डॉ. सुरेंद्र कुमार मीणा, रतिराम गुर्जर, रामचंद्र सैनी और तिलक राज गुर्जर ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सभा के अंत में मंगलराम सैनी, जितेंद्र, जिलेन्द्र, रमेश ‘किताब वाला’ सहित सैकड़ों व्यापारियों ने एक स्वर में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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