Wheat Cultivation Tips: गेहूं की पैदावार बढ़ाने के लिए डॉ. अखिलेश शाह ने कुछ सिंपल लेकिन जरूरी नियमों का ध्यान रखने की सलाह दी. उन्होंने पटवन का सही समय बताया और यह भी समझाया कि कैसे खरपतवार फसल खराब कर सकते हैं. इन बातों का ध्यान रखने से उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है.
कब करें पहला पटवन?
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश शाह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि गेहूं की खेती में पहला पटवन बुआई के 21 दिन बाद करना बेहद जरूरी होता है. इस समय पौधे की जड़ें मजबूत होती हैं और टिलर (कल्ले) निकलने की प्रक्रिया शुरू होती है. अगर इस अवस्था में पानी की कमी हो जाए, तो कल्लों की संख्या घट जाती है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है.
आगे के पटवन कब-कब
डॉ. शाह के अनुसार दूसरा पटवन 45 दिन पर, तीसरा 65 दिन पर, चौथा 90 दिन पर करना चाहिए. अगर किसान के पास पर्याप्त पानी की सुविधा है और कुल 6 सिंचाई कर सकते हैं, तो पांचवां पटवन 105 दिन और छठा 120 दिन पर करना लाभकारी रहता है. खासकर फूल निकलने और दाना भरने की अवस्था में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए.
खरपतवार नियंत्रण भी जरूरी
उन्होंने बताया कि कई किसान समय पर खरपतवार नियंत्रण नहीं कर पाते हैं. अगर किसान ने बुआई के बाद प्री-इमर्जेंस वीडीसाइड नहीं दिया है, तो वह 25 दिन पर पोस्ट-इमर्जेंस दवा का छिड़काव कर सकते हैं. इसमें सफ्यूरोन, सल्फर मेड सहित कई प्रकार की दवाएं बाजार में उपलब्ध हैं. अलग-अलग कंपनियों की दवाओं की मात्रा अलग-अलग होती है, लेकिन सामान्यतः 40 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से दवा का छिड़काव किया जाता है.
पोस्ट-इमर्जेंस दवा के छिड़काव से गेहूं की फसल में उगने वाली चौड़ी और पतली पत्ती वाली घास प्रभावी तरीके से नष्ट हो जाती हैं. इससे फसल को पोषक तत्व, पानी और धूप पर्याप्त मात्रा में मिलती है और पौधे स्वस्थ रहते हैं.
सही समय पर किए गए दो काम, यानी बंपर पैदावार
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण करने से गेहूं की फसल मजबूत होती है, दाने भरपूर बनते हैं और अंततः किसान को बेहतर उत्पादन और मुनाफा मिलता है. झारखंड और बिहार के किसानों के लिए यह जानकारी बेहद उपयोगी है, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर गेहूं की पैदावार को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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