Poultry Farming Tips: सर्दियों में यदि आप मुर्गी पालन की शुरूआत चूज़ों से करते हैं, तो ध्यान रहे कि उनके रहने की जगह पूरी तरह से ढकी हुई और गर्म हो. इसके अलावे उसमें वेंटिलेशन और हाइजीन की भी व्यवस्था पुख्ता हो. इन सभी पहलुओं पर ध्यान देकर मुर्गी पालन के व्यवसाय को बड़े स्तर तक लाया जा सकता है.
जिले के हरनाटांड़ निवासी अमित कुमार एक ऐसे पॉल्ट्री फार्मर हैं. जिन्होंने 9 हजार रुपए से मुर्गी पालन की शुरूआत कर सालाना 25 से 30 करोड़ रुपए तक की आमदनी का व्यवसाय खड़ा किया है. वर्तमान में उनकी गिनती बिहार सहित उत्तर प्रदेश और झारखंड तक के सबसे बड़े पॉल्ट्री फॉर्मर्स में की जाती है. मुर्गी पालन को जीविकोपार्जन से एक बड़े व्यवसाय में तब्दील करने के लिए उनका मानना है कि चूजों की देख भाल बेहतर तरीके से की जाए. सर्दियों में यदि आप मुर्गी पालन की शुरूआत चूजों से करते हैं, तो ध्यान रहे कि उनके रहने की जगह पूरी तरह से ढकी हुई और गर्म हो. इसके अलावे उसमें वेंटिलेशन और हाइजीन की भी व्यवस्था पुख्ता हो.
इन तापमान पर करें चूजों का पालन
अंडे से चूजा निकलने के पहले सप्ताह में उनके निवास स्थान का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस, दूसरे सप्ताह में 30 डिग्री सेल्सियस और तीसरे सप्ताह में 25 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. इस दौरान इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि वहां किसी अन्य व्यक्ति का आवागमन न हो. इससे उनमें इन्फेक्शन फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. तीसरे सप्ताह (21वें दिन) से 38वें दिन तक 25 डिग्री सेल्सियस की तापमान पर चूजे ढाई किलो वजनी होकर विकसित कुक्कुट में तब्दील हो जाते हैं. जिसे बड़ी आसानी से दुकानों पर बेचा जा सकता है.
इससे अधिक वजन है घाटे का सौदा
बकौल अमित, फार्मर्स को इस बात का ध्यान अनिवार्य रूप से रखना चाहिए कि कुक्कुटों का वज़न ढाई किलो से अधिक न हो. ढाई किलो तक वजनी होने के दौरान उनका विकास एक किलो आहार पर डेढ़ किलो वजन के रेश्यो से होता है. यानी, चूजों को जितने दिनों में आप एक किलो दाना खिलाएंगे, उतने दिनों में उनका वजन डेढ़ किलो तक हो जाएगा. इस हिसाब से क़रीब दो किलो दाने की खपत में चूजे ढाई किलो तक वजनी हो जाते हैं. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इससे अधिक वजन बढ़ाने के लिए आहार की मात्रा का रेश्यो अधिक बढ़ जाता है, जिससे फार्मर्स के नुकसान की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए ढाई किलो तक वजनी होते होते उन्हें बेच देना ही पालकों के हित में होता है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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