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Gardening Tips : मार्च का महीना जूही लगाने और उसकी शुरुआती देखभाल के लिए सबसे बेहतर समय है. थोड़ी सी मेहनत और सही देखभाल से यह पौधा पूरे मौसम आपके घर को खुशबू और हरियाली से भर सकता है. बागवानी के शौकीनों के लिए जूही एक ऐसा पौधा है, जो कम देखभाल में भी शानदार नतीजे देता है.
अगर आप अपने घर, आंगन या छत को प्राकृतिक खुशबू से भरना चाहते हैं, तो मार्च का महीना जूही (Star Jasmine) का पौधा लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. जूही न सिर्फ देखने में खूबसूरत होती है, बल्कि इसकी भीनी-भीनी खुशबू पूरे माहौल को सुकूनभरा बना देती है. बागवानी जानकारों का कहना है कि मार्च में लगाया गया जूही का पौधा जल्दी जम जाता है और गर्मियों में भरपूर फूल देता है.

मार्च के महीने में मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ही बहुत गर्म, ऐसे में पौधे की जड़ें आसानी से मिट्टी में फैल जाती हैं. इस समय लगाया गया जूही का पौधा नई जगह के अनुकूल खुद को जल्दी ढाल लेता है. चाहे आप इसे गमले में लगाएं या जमीन में, सही देखभाल से यह कुछ ही हफ्तों में अच्छी ग्रोथ दिखाने लगता है.

जूही लगाने से पहले मिट्टी की तैयारी बेहद जरूरी है.गमले या क्यारी की मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरी कर लें. इसमें वर्मीकम्पोस्ट या सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाना फायदेमंद रहता है. इससे पौधे को जरूरी पोषण मिलता है और उसकी ग्रोथ मजबूत होती है. ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था हो, क्योंकि जूही के पौधे को पानी जमा रहना पसंद नहीं है.
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पौधा लगाने के बाद उसे ऐसी जगह रखें जहां दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे धूप मिल सके. धूप मिलने से पौधे की बढ़वार अच्छी होती है और फूलों की संख्या भी ज्यादा रहती है. हालांकि तेज दोपहर की धूप में अगर पौधा मुरझाने लगे, तो हल्की छांव देना बेहतर रहता है.छत या बालकनी में जूही के लिए यह संतुलन बेहद जरूरी होता है.

पानी देने के मामले में भी संतुलन जरूरी है. मार्च के महीने में मिट्टी सूखने पर ही पानी दें. बहुत ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. सुबह या शाम के समय हल्का पानी देना सबसे सही माना जाता है. साथ ही, हफ्ते में एक बार मिट्टी की ऊपरी परत को हल्का सा खोद देना चाहिए, ताकि हवा जड़ों तक पहुंच सके.

मार्च में लगाए गए जूही के पौधे को अगर हल्की कटाई-छंटाई भी मिल जाए, तो इसका असर फ्लावरिंग पर साफ दिखाई देता है. सूखी या कमजोर टहनियों को हटा देने से पौधे की ऊर्जा नई शाखाओं के विकास में लगती है. इन्हीं नई शाखाओं पर गर्मियों में ज्यादा फूल आते हैं और पौधा हरा-भरा बना रहता है.
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