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सर्दियों में तापमान गिरने से गेंदे के पौधे पोषक तत्व नहीं सोख पाते. उन्होंने बेहतर ग्रोथ के लिए फॉस्फोरस और पोटाश के छिड़काव की सलाह दी है. फॉस्फोरस कलियों के विकास में मदद करता है, जबकि पोटाश फूलों का आकार बढ़ाकर पौधे को ठंड से लड़ने की शक्ति देता है.
सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के कारण गेंदे के पौधों की बढ़वार प्रभावित हो जाती है. ठंड में पौधों की जड़ों की सक्रियता कम हो जाती है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण सही तरीके से नहीं हो पाता और फूलों की संख्या व गुणवत्ता दोनों घटने लगती हैं.

पलामू जिले के कृषि विशेषज्ञ डॉ अखिलेश शाह ने कहा कि इस मौसम में खासकर फॉस्फोरस और पोटाश की कमी देखने को मिलती है. फॉस्फोरस जड़ों और कलियों के विकास में मदद करता है, जबकि पोटाश पौधों को ठंड सहन करने की क्षमता देता है और फूलों के रंग व साइज को बेहतर बनाता है.

आगे कहा कि सर्दियों में गेंदे की बेहतर ग्रोथ के लिए फोलियर स्प्रे बहुत उपयोगी माना जाता है. इससे पोषक तत्व सीधे पत्तियों के माध्यम से पौधे तक पहुंचते हैं और तेजी से असर दिखाते हैं.
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उन्होंने बताया कि इसके लिए 1 लीटर पानी में 1 ग्राम 19:19:19 या 0:52:34 (फॉस्फोरस युक्त) उर्वरक घोलकर अच्छी तरह मिलाएं. इस घोल का छिड़काव पौधों की पत्तियों पर करें.

उन्होंने कहा कि 10 से 15 दिन के अंतर पर यह स्प्रे करना सबसे बेहतर रहता है. ध्यान रखें कि छिड़काव सुबह या शाम के समय करें, जब धूप तेज न हो, ताकि पत्तियां जलने से बचें.

उन्होंने बताया कि इस स्प्रे के नियमित प्रयोग से पौधे ठंड में भी मजबूत बने रहते हैं. कलियों का निर्माण तेजी से होता है और फूलों का रंग गहरा व आकार बड़ा दिखाई देता है.

उन्होंने कहा कि मुरझाए या पुराने फूलों को समय-समय पर तोड़ते रहना चाहिए. इससे पौधे की ऊर्जा बचती है और वह नई शाखाएं निकालता है, जिससे फूलों की संख्या बढ़ती है.

आगे कहा कि सही पोषण, नियमित स्प्रे और हल्की देखभाल से सर्दियों में भी गेंदे की खेती लाभकारी बनाई जा सकती है. यह तरीका घरों के गार्डन से लेकर व्यावसायिक खेती तक सभी के लिए फायदेमंद है.
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