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Aankh Me Rang Chal Jane Par Kya Karein : होली पर आंखों की सुरक्षा को लेकर डॉ. सुधीर गुप्ता ने सावधानी बरतने की अपील की है. केमिकल युक्त रंग कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं. हर्बल रंगों का उपयोग करें और आंखों में रंग जाने पर तुरंत धोएं. डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि कॉर्निया आंख का वह बेहद संवेदनशील हिस्सा होता है, जिसके माध्यम से रोशनी आंख के अंदर प्रवेश करती है और हमें स्पष्ट दिखाई देता है.
कोटा. रंगों का त्योहार होली उत्साह, उमंग और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आंखों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है. होली के दौरान आंखों की सुरक्षा को लेकर नेत्र विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. कोटा के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुधीर गुप्ता का कहना है कि होली खेलते समय आंखों को लेकर जागरूक रहना बेहद आवश्यक है.
डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि कॉर्निया आंख का वह बेहद संवेदनशील हिस्सा होता है, जिसके माध्यम से रोशनी आंख के अंदर प्रवेश करती है और हमें स्पष्ट दिखाई देता है. यदि होली के दौरान इस्तेमाल किए गए रंग या गुलाल आंखों में चले जाएं तो कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है. खासतौर पर केमिकल युक्त रंग आंखों की पारदर्शिता यानी ट्रांसपेरेंसी को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे कॉर्नियल अल्सर होने का खतरा बढ़ जाता है. गंभीर स्थिति में यह समस्या अंधत्व तक का कारण बन सकती है.
कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं केमिकल युक्त रंग
डॉ. गुप्ता ने बताया कि फरवरी-मार्च के मौसम में वैसे भी लोगों को आंखों में एलर्जी की समस्या अधिक देखने को मिलती है. इस दौरान आंखों में खुजली, जलन, पानी आना और लाल होना आम परेशानी है. ऐसे में होली के रंग इन समस्याओं को और बढ़ा सकते हैं. इसलिए होली खेलते समय विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है.
उन्होंने सलाह दी कि होली खेलते समय रंगों को सीधे आंखों के आसपास लगाने से बचें. रंग या गुलाल का प्रयोग केवल गालों तक ही सीमित रखें. आंखों को सुरक्षित रखने के लिए चश्मे का उपयोग करना एक अच्छा उपाय हो सकता है. इसके अलावा केमिकल युक्त रंगों के बजाय हर्बल या प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करें.
आंख में रंग चला जाए तो क्या करें
यदि किसी कारणवश रंग आंख में चला जाए तो आंख को रगड़ने की गलती बिल्कुल न करें. तुरंत साफ पानी से आंखों को अच्छी तरह धोएं. यदि जलन, दर्द या धुंधला दिखना बना रहे तो बिना देरी किए नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें. घरेलू नुस्खों या खुद से दवा डालने से स्थिति और बिगड़ सकती है.
डॉ. सुधीर गुप्ता ने आमजन से अपील की कि होली का त्योहार खुशी और सौहार्द का पर्व है, इसे मर्यादा और सावधानी के साथ मनाएं. अपनी और अपने परिवार की आंखों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें. सावधानी के साथ मनाई गई होली ही वास्तव में खुशियों के रंग भरती है.
About the Author
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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