Tips And Tricks: ठंड के मौसम में पोल्ट्री फार्म में थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान दे सकती है. युवा मुर्गी पालक घनश्याम रात्रे ने बताया कि गैस ब्रूडर, शेड को झिल्ली से ढकना और ताजा पानी की व्यवस्था बेहद जरूरी है. सही देखरेख न होने पर चूजों की मृत्यु बढ़ जाती है.
किन बातों का रखें ध्यान
उन्होंने यह भी कहा कि फार्म के शेड को चारों ओर से अच्छी तरह ढकना बेहद जरूरी है. ठंड के मौसम में शेड के अगल-बगल झिल्ली यानी प्लास्टिक शीट से ढक देने से अंदर की गर्मी बनी रहती है और ठंडी हवा का प्रभाव कम होता है. यदि इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो चूजों को ठंड लगने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उनकी मृत्यु की संख्या अधिक हो सकती है. घनश्याम रात्रे ने बताया कि पोल्ट्री फार्म के शेड को ढकने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली झिल्ली रायपुर से मंगाई जाती है. शेड की लंबाई और चौड़ाई के अनुसार ऑर्डर देने पर यह झिल्ली कस्टमाइज तैयार कर दी जाती है. इसकी लागत लगभग 8 से 10 हजार रुपये तक आती है, जो संभावित नुकसान की तुलना में बेहद कम है.
उन्होंने पानी की व्यवस्था को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया है. घनश्याम के अनुसार, ठंड के मौसम में भी मुर्गियां बड़ी मात्रा में पानी पीती हैं. लगभग 3000 मुर्गियां एक दिन में करीब 1000 लीटर पानी पी लेती हैं. जैसे-जैसे मुर्गियों की ग्रोथ होती है, पानी की खपत भी बढ़ जाती है और यह मात्रा रोजाना 1500 लीटर तक पहुंच सकती है. ऐसे में दिन में कम से कम दो बार पानी की विशेष देखरेख करना जरूरी है. उन्होंने सलाह दी कि ठंड के मौसम में भी मुर्गियों को हमेशा ताजा और फ्रेश पानी पिलाया जाना चाहिए. पुराने या गंदे पानी से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. घनश्याम रात्रे का कहना है कि अगर मुर्गी पालक ठंड के मौसम में इन जरूरी बातों का ध्यान रखें, तो नुकसान से बचते हुए बेहतर उत्पादन और मुनाफा हासिल किया जा सकता है.
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