Ash Use For Gardening: अलाव की राख का यह इस्तेमाल आपको बिलकुल भी नहीं पता होगा. इससे ऑर्गेनिक खाद बनाकर पौधों में देने से बगिया हरी-भरी और फूलों से लदी हो जाती है, बस मात्रा का ध्यान रखें. इस बारे में गार्डनिंग एक्सपर्ट ने विस्तार में जानकारी दी.
रांची के जाने माने गार्डनिंग एक्सपर्ट प्रभात बताते हैं, ‘हमारे आसपास कई ऐसे सारे लोग हैं जो शाम होते ही अलाव जलाने लगते हैं. मैं खुद जलाता हूं और उसका जो राख होता है उसका खाद बनाकर मिट्टी में मिलाकर पौधे में देने का काम करता हूं और हफ्ते में केवल दो दिन आप देकर देखिए और फिर देखिए कमाल. ‘
पूरा गार्डन भर जाएगा रंग-बिरंगे फूलों से
प्रभात बताते हैं, दरअसल राख जो होती है इसमें जरूरी पोषक तत्व पोटेशियम, मिनरल, कैल्शियम ये सारी चीजें पायी जाती हैं, जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती हैं. दूसरी बात, यह मिट्टी के एसिडिक नेचर को न्यूट्रलाइज करने का काम करती है और तीसरी बात, यह पौधे के जड़ को मजबूत बनाती है और खास तौर पर जो स्लग और स्नैल जैसे कीड़े हैं उसको हटाने में यह काफी कारगर होती है.
मात्रा का रखें खास ध्यान
साथ ही, एक बात का ध्यान रखना है इसको बहुत अधिक नहीं डाल देना है. इसकी क्वांटिटी काफी महत्व रखती है. आपको राख को एक बोतल पानी में मिला दीजिए. कम से कम दो चम्मच राख इससे अधिक नहीं और पानी को अपने गार्डन में जो भी पौधे है, चाहे फूल के हो या सब्जी के हो उसमें डाल दीजिए. जड़ों में थोड़ा-थोड़ा डालना है बहुत अधिक नहीं.
कुछ दिनों में दिखेगा कमाल का रिजल्ट
आपको कुछ ही दिनों में कमाल का रिजल्ट दिखेगा. आप देखेंगे कीड़े-मकोड़े भाग रहे हैं, खरपतवार नहीं है. जड़े मजबूत हो रही हैं, पत्ते जल्दी नहीं सूख रहे हैं. साथ ही कड़ी ठंड में जब अच्छे-अच्छे पौधे दम तोड़ देते हैं, उसमें भी आपके पौधे काफी सुंदर रंग-बिरंगे फूलों से लदे हैं. सफेद, हरा, नीला हर रंग के फूल आपके बगिया की शान बढ़ा रहे हैं. यह छोटा सा आइडिया आपकी बगिया की रंगत को कई गुना बढ़ा सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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