लखीमपुर खीरी के थाना तिकुनिया क्षेत्र के गांव महाराजनगर के पास शनिवार देर शाम गन्ने के खेत में काम कर रही भेड़ौरी निवासी ऊषा देवी (35 वर्ष) पर बाघिन ने हमला कर दिया और उन्हें दबोच ले गई। सूचना पर वन विभाग की टीम ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन रात में महिला का कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह दोबारा तलाश शुरू की गई। इस दौरान ऊषा का अधखाया शव खेत में पड़ा मिला। शव की हालत देख ग्रामीणों का कलेजा कांप गया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।
गांव महाराजनगर की ही रहने वाली छैलबिहारी की पत्नी गूंधनी देवी भी घटना के वक्त ऊषा देवी के साथ थीं। गूंधनी के मुताबिक, गन्ने में छिपी बाघिन ने अचानक झपट्टा मारा और ऊषा को खींच ले गई। घबराईं गूंधनी देवी बदहवास हालत में भागीं। कुछ दूर पर ईंट की पथाई कर रहे मजदूरों के पास पहुंचकर बेहोश वह हो गईं। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और तलाश शुरू की थी। रविवार सुबह शव मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उधर, रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बाघिन की गतिविधि को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
भेड़ौरी गांव में बाघिन के हमले ने एक बार फिर दो दशक पुरानी दहशत को ताजा कर दिया है। प्रधान प्रतिनिधि ध्रुव कुमार वर्मा के अनुसार, करीब 20 वर्ष पहले भी शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने एक ग्रामीण पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। इसके बाद लंबे समय तक क्षेत्र में भय का माहौल रहा लेकिन समय के साथ हालात सामान्य हो गए थे। अब फिर से दूसरी बाघिन अपने शावकों के साथ क्षेत्र में मौजूद है।
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