जानकारी के अनुसार रेलवे यार्ड में मालगाड़ी की बोगियों को अलग-अलग पटरियों पर लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक कुछ बोगियां पीछे की ओर लुढ़क गईं। उस वक्त मजदूर बोगियों में चावल की बोरियां लोड करने में व्यस्त थे। अचानक हुई इस घटना से मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे बोगियों की चपेट में आ गए।
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हादसे के तुरंत बाद रेलवे यार्ड में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और रेलवे कर्मचारियों ने घायल साथियों को किसी तरह बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीनों मजदूरों का इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। इस दुर्घटना में चावल की सप्लाई के लिए उपयोग में लाया जा रहा ट्रक भी बोगियों की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया, जिससे कुछ समय के लिए रेलवे यार्ड में लोडिंग का काम भी प्रभावित हुआ। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एहतियातन शंटिंग कार्य को रोक दिया।
सूचना मिलने पर रेलवे जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बोगियां पीछे कैसे खिसकीं, क्या ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी थी या फिर सर्टिंग प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही हुई। जांच के लिए यार्ड में मौजूद कर्मचारियों और मजदूरों से पूछताछ की जा रही है। रविवार को हुए इस हादसे ने रेलवे यार्ड में सुरक्षा इंतजामों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। अब सभी की निगाहें रेलवे जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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