इनके पास मिले दस्तावेज से तीनों की पहचान हुई। इसमें रणधीर ड्राइविंग सीट पर थे, जबकि अन्य दो लोग पिछली सीट पर बैठे थे। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि तीनों शवों पर चोट का कोई निशान नहीं मिला और न ही लूटपाट हुई है। तीनों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
महिला के रिश्ते साफ नहीं जांच की दिशा उलझी
गाड़ी में मृत मिले बापरौला गांव निवासी रणधीर सिंह, शिव नरेश के साथ पश्चिम विहार ईस्ट के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार दोपहर मिली कार में लक्ष्मी नाम की एक महिला भी थी। उसका दोनों पुरुषों से क्या संबंध था, यह सवाल अब भी अनसुलझा है।
रणधीर के भतीजे नरेश ने भी महिला को पहचानने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की, लेकिन कोई भी यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि लक्ष्मी किस हैसियत से उनके साथ मौजूद थी। ऐसे में पुलिस के सामने यह चुनौती है कि लक्ष्मी की भूमिका और तीनों के एक साथ होने की वजह क्या थी।
पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला पारिवारिक, आर्थिक या किसी अन्य विवाद से तो जुड़ा नहीं है। पुलिस अब कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और आपसी संपर्क के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तीनों एक साथ क्यों थे और कहां जा रहे थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनके पास से कुछ मेडिकल के कागजात मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
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