डूंगरपुर कोतवाली थाना और जिला विशेष टीम ने फर्जी दस्तावेज और केवाईसी बदलकर बीमा पॉलिसी की लाखों की राशि हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरंभिक पूछताछ में आरोपियों ने 18 फर्जी बीमा पॉलिसियों का उपयोग कर 58 लाख रुपए हड़पने की बात स्वीकार की है।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के अनुसार, एडलवाइस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के फ्रॉड कंट्रोल यूनिट के अधिकारी विजय गिरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कंपनी की डूंगरपुर और उदयपुर शाखा के कुछ कर्मचारी पुराने पॉलिसीधारकों के फर्जी दस्तावेज बनाकर बीमा राशि निकाल रहे थे। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच आरंभ की, जिसमें जिला विशेष टीम को भी शामिल किया गया। टीम ने शास्त्री कॉलोनी के समीप मुख्य मार्ग पर स्थित कंपनी के कार्यालय पर छापा मारकर दस्तावेज, कंप्यूटर और मोबाइल जब्त किए।
गबन करना स्वीकार किया
एसपी ने बताया कि आरंभिक पूछताछ में ही कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव सूरज कुमार श्रीवास्तव ने उदयपुर ब्रांच के दो कर्मचारियों, मयंक और जगदीश, के साथ मिलकर रुपए हड़पने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने सूरज श्रीवास्तव के साथ मयंक और जगदीश को भी गिरफ्तार किया। आरोपियों से इस्तेमाल किया गया कंप्यूटर, फर्जी चेक बुक, मोबाइल फोन, प्रिंटर, फर्जी आधार कार्ड और जाली मोहरें बरामद की गई हैं।
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फर्जी खातों में डालते थे पैसा
पूछताछ में सामने आया कि वे उन पॉलिसीधारकों को निशाना बनाते थे, जिनकी मौत हो चुकी थी या जो गंभीर रूप से बीमार थे। कई ऐसे बीमाधारक भी तलाशे जाते थे, जिनके बीमा दावे लंबित थे। इसके बाद कंप्यूटर के माध्यम से बैंक खाता और मोबाइल नंबर बदलकर, बीमाधारक के मिलते-जुलते नाम वाले फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक तैयार की जाती थीं। इसके जरिए पैसा फर्जी खातों में डालकर बाद में बांटा जाता था। आरोपियों ने राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार के 18 लोगों के साथ यह फर्जीवाड़ा कर 58 लाख रुपए हड़पे।
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