जांजगीर-चांपा जिले के राहौद में आबादी जमीन पर बने झोपड़ी नुमा मकान में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के मामले में शिवरीनारायण पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने पार्षद नरसिंग गोड 33 वर्ष सहित उसके दो साथी बनक राम गोड 50 वर्ष और भगत गोड 29 वर्ष को गिरफ्तार किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता शीतला बाई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वर्ष 2025 में अरुण कुमार के माध्यम से 17 अप्रैल को दया शंकर गोड से आबादी जमीन 2.50 लाख रुपये में खरीदी थी, जहां वह झोपड़ी नुमा मकान बनाकर रह रही थी।
आरोप है कि पार्षद नरसिंग गोड अपने साथी बनक राम और भगत गोड के साथ मिलकर उक्त भूमि को आबादी भूमि बताते हुए मकान बनाने के नाम पर 2 से 2.50 लाख रुपये की अवैध वसूली करने का दबाव बना रहे थे।
रकम नहीं देने पर तीनों आरोपियों ने एक राय होकर महिला के मकान के पास जाकर सब्बल से दीवार और टीन शेड तोड़ दिया। इसके बाद घर के अंदर रखे कपड़े, कुर्सी, राशन, बर्तन सहित अन्य सामान बाहर निकालकर मकान में आग लगा दी। आगजनी से मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ।
घटना के दौरान आरोपियों ने महिला को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वह भागकर अपनी जान बचा सकी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपियों की तलाश की। घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
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