बिहार राज्य के विधानसभा सारण अंतर्गत दुमाईगढ़ गांव के करीब 150 से अधिक मतदाता वर्षों से उत्तर प्रदेश के रेवती विकासखंड रेवती के गोपालनगर ग्राम पंचायत के भी मतदाता है। ये मतदाता बिहार के सारण विधानसभा और महराजगंज लोकसभा के साथ ही बिहार के पंचायत चुनाव में मतदान करते हैं।
यूपी के गोपालनगर ग्राम पंचायत में वर्षों से इनका नाम मतदाता सूची में होने के कारण ये मतदाता यहां भी मतदान करते रहे हैं। दावे-आपत्ति की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अब तक इन मतदाताओं का नाम विलोपित नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों के अनुसार, ये मतदाता किसी जमाने में गोपालनगर के बड़े काश्तकारों में थे।
वर्ष 1980 में इनमें से अधिकतर मतदाताओं के यहां डकैती हुई थी। आरोप है कि एक समुदाय विशेष के लोगों ने इन परिवारों पर अत्याचार भी किया। इसकी वजह से 150 से अधिक लोग बिहार राज्य के सारण जिला अंतर्गत दुमाईगढ़ और फुलवरिया चले गए। वहां मकान बनाकर रहने लगे। उन मतदाताओं की जमीन मौजूदा समय में भी गोपालनगर मौजा में है। इनमें से कई झोपड़ीनुमा घर बनाकर आज भी गोपालनगर में निवास करते हैं।
गोपालनगर गांव निवासी सोनू सिंह, संजय यादव, रामशंकर प्रसाद, राहुल यादव, अनिल यादव आदि ने बताया कि इस बार भी बिहार चले गए मतदाताओं का नाम गोपालनगर ग्राम पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम होने पर आपत्ति की थी। इसके बाद भी त्रुटियों के कारण इनका नाम विलोपित नहीं हो पाया।
बैरिया तहसील क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा तीन तरफ से बिहार की सीमा से सटा हुआ है। ऐसे में रामपुर कोडरहा, खवासपुर, चांददीयर सहित कई गांव मुरली छपरा ब्लॉक के हैं, जिनके पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में एक हजार से अधिक बिहार के मतदाताओं के नाम अंकित हैं।
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