देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में पिछले दिनों दूषित पानी से 14 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद देशभर में पाइपलाइन जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। राजधानी रांची में भी 50 से अधिक मुहल्ले ऐसे हैं, जहां दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है
- क्या रांची में भी इंदौर की तरह दूषित पानी से मौत होने के बाद जागेंगे जिम्मेदार….
- ये सिस्टम का लीकेज है… वार्ड नं. 1, 8, 17, 22, 31, 32, 36, 43 व 44 में सबसे अधिक लीकेज, गंदा पानी मिल रहा
यह समस्या इतनी बढ़ गई है कि सिर्फ नगर निगम में मात्र दो माह में 127 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। पेयजल स्वच्छता प्रमंडल के पास भी 50 से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। भास्कर रिपोर्टर ने शुक्रवार को शहर के चार इलाकों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले दृश्य दिखे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रांची को भी इंदौर की तरह दूषित पानी से हुई मौतों का इंतजार है। देखिए रांची के हालात…
इन चार तस्वीरों से समझिए स्थिति
हिंदपीढ़ी खेत मुहल्ला : नाले से होकर दर्जनों पाइप घर तक ले गए
वार्ड नंबर 22 के हिंदपीढ़ी खेत मुहल्ला में जलापूर्ति पाइपलाइन अंदर तक नहीं गई है। डिस्ट्रीब्यूश्न लाइन से पाइप जोड़कर घरों तक पानी पहुंचाया। मो. अरशद ने बताया कि पानी से दुर्गंध आती है। पीने के लिए इस्तेमाल नहीं कर रहे।
कोकर बाजार रोड: अधिकतर पाइप नाली से होकर गुजरे हैं
रिम्स से कोकर निकलने वाले कोकर बाजार रोड में अधिकतर घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है। क्योंकि, इस क्षेत्र में भी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन से सीधे पाइप को जोड़ दिया गया है। अधिकतर पाइप और ज्वाइंट नाली से होकर गुजरे हैं। स्थानीय निवासी सुमित्रा देवी ने बताया कि अब साफ पानी आता ही नहीं कि उसे पीने में इस्तेमाल किया जा सके। शिकायत के बाद भी कोई नहीं सुनता है।
कर्बला नगर: नाले में बैट्री के पानी से पाइप गल गए थे, लीकेज हो गया था
वार्ड नं. 16 में कर्बला नगर में छह दिन पहले निवर्तमान पार्षद नाजिमा रजा ने गंदा पानी आने की शिकायत की, तब पेयजल प्रमंडल द्वारा इसकी जांच कराई गई। पता चला कि कुछ बैट्री दुकानदारों द्वारा बैट्री का पानी नाली में बहाया जा रहा था। जिससे पाइप गल गया था और घरों में गंदा पानी आ रहा था। मरम्मत के बाद सुधार हुआ है।
काली बाबू स्ट्रीट: लीकेज से पानी सड़क पर बहता है, फिर पाइप में ही जाता है
किशोरी यादव चौक से महाबीर चौक रोड और कचहरी चौक के बीच में 9 स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज है। काली बाबू स्ट्रीट के मुहाने पर पाइप में लीकेज की वजह से जलापूर्ति के समय भारी मात्रा में पानी का रिसाव हो रहा है। सड़क पर चारों ओर पानी फैल जाता है। जलापूर्ति बंद होने पर यही पानी फिर लीकेज के सहारे पाइप में जा रहा है। क्या कहते हैं जिम्मेदार
कुछ क्षेत्र में नाली से पाइप शिफ्ट करेंगे
कई क्षेत्र में लीकेज का पता नहीं बल पाता, वहां पीएचईडी के साथ समन्वय बनाकर जांच कराई जाती है। नाली से पाइप को हटाना बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसमें काफी पैसे खर्च होंगे। तत्काल कुछ क्षेत्रों से पाइप को शिफ्ट किया जाएगा।- सुशांत गौरव, नगर निगम प्रशासक
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
जमीन के ऊपर किसी भी हाल में पाइपलाइन नहीं गुजरनी चाहिए
अंडसाउंड पाइपलाइन का लिंक एक-दूसरे से जुड़ा होना चाहिए। जमीन के ऊपर किसी भी हाल में पाइपलाइन नहीं गुजरनी चाहिए, क्योंकि इसमें छेड़छाड़ का डर बना रहता है। गंदे पानी की आपूर्ति सेहत के लिए नुकसानदेह है। ऐसे पाइप को तत्काल हटाने की आवश्यकता है। -शिवानंद राय, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख
अगर शहरी क्षेत्र में आपका घर है और गंदा पानी आ रहा हो तो सूचना नगर निगम को दें। टॉल फ्री नंबर 1800 570 1235 पर शिकायत करने के बाद कार्रवाई नहीं हो तो जलापूर्ति शाखा में लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
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