माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को दरकिनार कर चोरी की वारदातों में सक्रिय दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी 12वीं कक्षा के छात्र हैं, जिनकी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। इसके बावजूद वे परीक्षा की चिंता छोड़कर धार में चोरी की बाइक बेचने की फिराक में घूम रहे थे।
मुखबिर से मिली सूचना पर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भक्तामर रोड स्थित देवीजी मंदिर के पास से दोनों युवकों को हिरासत में लिया। थाने लाकर जब पुलिस ने बाइक से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाइक चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से शहर में सुनसान इलाकों से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देशन और सीएसपी सुजवाल जग्गा के मार्गदर्शन में जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय पिता भगडिया अनारे और मनोज पिता कमरु अनारे, निवासी देवीपुरा टांडा के रूप में हुई है।
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प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने मगजपुरा क्षेत्र से बजाज पल्सर चोरी करना कबूल किया। पुलिस रिमांड के दौरान उन्होंने अपने साथियों रितेश और नबलसिंह के साथ मिलकर धार और इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों से कई दोपहिया वाहन चोरी करने की बात भी स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर तिरला के पास झाड़ियों में छिपाकर रखी गई अन्य मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं।
पुलिस ने कुल 9 लाख रुपये कीमत की 8 महंगी मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिनमें बजाज पल्सर एन, टीवीएस स्टार सिटी (एमपी 47 एमएल 9202), दो यामाहा आर15, पीले रंग की बजाज पल्सर, सफेद रंग की आर15, काले रंग की स्प्लेंडर और ग्रे रंग की स्प्लेंडर शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे महंगे शौक पूरे करने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। चोरी की बाइक सस्ते दामों में बेचने पर उन्हें प्रति बाइक 10 से 12 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस ने अंतर-जिला बाइक चोर गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान, उपनिरीक्षक सुनील कुशवाह, अनिल डावर, प्रधान आरक्षक अरविंद चौहान, आरक्षक रामनरेश यादव, उपनिरीक्षक रामसिंह हटीला (टांडा), आरक्षक सुनील और साइबर सेल के आरक्षक शुभम शर्मा का विशेष योगदान रहा।
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