बुधवार को नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल के निर्देश पर जांच टीम गौ-शाला पहुंची। मौके पर हालात देख टीम भी हैरान रह गई। गौ-शाला प्रबंधन का कहना है कि चारे और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण रोजाना दो से तीन गायों की मौत हो रही है। इसके अलावा बीते दिनों डॉग्स और सियार के हमलों से भी कई गायों की जान गई है।
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स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि करीब 200 बीघा में फैली इस गौ-शाला की लगभग 90 प्रतिशत जमीन आसपास के गांवों के किसानों को बट्टे (बटिया) पर दे दी गई है। किसानों ने अपनी-अपनी जमीन पर फेंसिंग कर रखी है, जिससे गौ-शाला में मौजूद गायों को खुला क्षेत्र और पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा। इसी वजह से गायें कमजोर हो रही हैं और मौतें हो रही हैं।
एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने बताया कि जांच के दौरान चार गायों की मौत की पुष्टि हुई है। सभी का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सक द्वारा कराया गया है। कुछ गायें अत्यधिक कमजोर थीं, जबकि एक गाय के पेट में पॉलीथिन मिली है। मृत गायों को विधिवत दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। पशु चिकित्सक दीपेश कुमार सोनी ने कहा कि गौ-शाला में कई गायें कमजोर स्थिति में हैं। उन्हें पोषक आहार देने के लिए गौ-शाला के अध्यक्ष को निर्देशित किया गया है। वहीं नगर कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप यादव ने मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
छतरपुर जिले में गायों की मौतों से हड़कंप
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