चंडीगढ़। हरियाणा के प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में कुल 21,812 पद रिक्त हैं। इनमें 16,292 पद शिक्षकों के, 686 लिपिकों के और 4,134 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हैं। यह जानकारी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रानियां से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने दी।
अर्जुन चौटाला ने जिलावार रिक्त पदों का ब्योरा मांगते हुए पूछा कि इन पदों को भरने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है और रिक्तियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा, कल आ जाना, बैठकर विस्तार से बात कर लेंगे। वहीं, नूंह-मेवात क्षेत्र में शिक्षकों और लिपिकों की कमी का मुद्दा विधायक मामन खान ने उठाया। मंत्री ने स्वीकार किया कि मेवात में स्थिति चुनौतीपूर्ण है और स्थायी समाधान की दिशा में तैयारी की जा रही है।
प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक पदों की स्थिति
सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रधानाचार्य के 574 पद रिक्त हैं। मुख्याध्यापक के 759 पद रिक्त हैं। पीजीटी 8,519 पद, टीजीटी 4,583 पद व पीआरटी 2,557 पद रिक्त हैं। लिपिक के 686 पद, चतुर्थ श्रेणी के 4,134 पद रिक्त हैं। जिलावार रिक्त पदों का भी डाटा जारी किया गया है।
सरकार का दावा – भर्ती प्रक्रिया जारी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मार्च 2025 तक 574 प्रधानाचार्य पद रिक्त थे, जिनमें से 635 पीजीटी/मुख्याध्यापकों को पदोन्नत किया जा चुका है। मुख्याध्यापक के 759 पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की रोक के कारण लंबित है। पीजीटी के 7,545 पदों की मांग आयोग को भेजी गई थी, जिनमें से 3,701 को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। 915 टीजीटी को पीजीटी पद पर पदोन्नत किया गया है। करीब 2,700 पीआरटी/सीएंडवी को टीजीटी बनाया गया है। मेवात क्षेत्र में 1,456 पीआरटी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
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