नौगांवा सादात। ईरान में हालात अब सामान्य होने लगे हैं। इसके बावजूद भी वहां से छात्र-छात्राओं का लौटना जारी है। इंटरनेट बंद होने व कॉल न होने के कारण कई परिजनों के बीच बेचैनी बनी हुई है। उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
ईरान में शुरुआत में अलग-अलग शहरों में हिंसा भड़कने और प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच गोलीबारी की सूचना मिलने से लोगों का दिल कांप उठा था। इंटरनेट बंद था, किसी से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। बिगड़ते हालात देखते हुए ईरान हुकूमत ने सभी शहरों में स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को डेढ़ महीने के लिए बंद कर दिए हैं।
रविवार देर रात कस्बे के मोहल्ला शाह फरीद की निवासी अफजाल हैदर की बेटी हुदा मेडिकल की छात्रा है। परिजनों ने बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए चार साल पहले उसका एडमिशन ईरान के शिराज शहर में स्थित शिराज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में कराया था। हुदा तभी से ईरान में ही रहकर पढ़ाई कर रही थी। अब ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए परिजनों ने उन्हें घर वापस बुला लिया है। भारतीय दूतावास की मदद से रविवार देर रात हुदा की फ्लाइट से जब दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर पहुंची तो परिजनों के चेहरों की खुशी देखने लायक थी।
तीन दिन पहले भी कस्बे के मोहल्ला बंगला निवासी युसरा बतूल और मोहल्ला शाह फरीद निवासी अर्श की भी ईरान से वापस आई हैं। यह दोनों भी शिराज यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ उन चार परिवारों में चिंता और बेचैनी है जिनसे पिछले 10 से 12 दिनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
कस्बे के रहने वाले चार परिवार ईरान के अलग-अलग शहरों में बसे हुए हैं। उनकी कोई खबर न मिलने से रिश्तेदारों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। इनके अलावा कस्बे के करीब 10-12 छात्र-छात्राएं अभी भी वहां फंसे हुए हैं या वापसी के रास्ते में हैं। परिजन सकुशल वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं।
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