पटना नगर निगम नासिक की तर्ज पर म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। निगम एक ऐसे ‘आत्मनिर्भर पटना’ की कल्पना कर रहा है, जहां तकनीक और बुनियादी ढांचा साथ-साथ आगे बढ़ें। इसके लिए करीब 200 करोड़ रुपये तक का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव पास किया गया है।
राजधानी की बढ़ती आबादी और शहरीकरण की जरूरतों को देखते हुए नगर निगम अपने वित्तीय स्रोतों का विस्तार करना चाहता है, ताकि शहर को आधुनिक और ‘स्मार्ट’ बनाया जा सके।
बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने का उद्देश्य
अमृत 2.0 और अन्य शहरी विकास योजनाओं के तहत जलापूर्ति, सीवरेज, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के अपग्रेडेशन लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत है।
शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से बॉन्ड के जरिए लंबी अवधि के वित्तीय संसाधन जुटाने की योजना है। बॉन्ड निर्गम की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए ‘बॉन्ड निर्गम समिति’ का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता नगर आयुक्त करेंगे।
म्युनिसिपल बॉन्ड एक प्रकार का होता है कर्ज
म्युनिसिपल बॉन्ड एक प्रकार का एक ऐसा कर्ज है जो नगर निगम, नगर पालिका या राज्य सरकार जैसी सरकारी संस्थाएं अपनी परियोजनाओं के लिए पैसा जुटाने के उद्देश्य से जनता से लेती हैं। जब आप म्युनिसिपल बॉन्ड खरीदते हैं, तो आप नगर निगम को एक निश्चित अवधि के लिए पैसा उधार देते हैं। इसके बदले में, वह संस्था आपको एक तय दर से ब्याज देती है और अवधि पूरी होने पर आपकी मूल राशि वापस कर देती है।
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