सरायपाली ब्लॉक के लिमगांव में प्रधान पाठक ने दूसरे व्यक्ति को 6500 रुपए मजदूरी देकर अपनी जगह स्कूल में पढ़ाने भेज दिया। उसने फर्जी उपस्थिति के बूते एक साल तक वेतन भी ले लिया। दो साल पूर्व हुई जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, लेकिन अब यह मामला तूल पकड़ने लगा है। अब दोबारा जांच के लिए टीम गठित की गई है।
मिडिल स्कूल में लकवाग्रस्त प्रधानपाठक की अनुपस्थिति की सूचना मिलने पर हेमंत रमेश नंदनवार तात्कालीन एसडीओ सरायपाली 11 अगस्त 2023 को स्कूल का निरीक्षण में पहुंचे। मिडिल स्कूल के प्रधानपाठक धनीराम चौधरी अनुपस्थित थे, उनकी जगह में जितेन्द्र साहू नाम का बाहरी व्यक्ति स्कूल में बच्चों को पढ़ाते मिला। जानकारी मिली कि धनीराम चौधरी लकवाग्रस्त है। जिस कारण अध्यापन नहीं करवा पा रहे हैं। इसी कारण 1 साल से जितेन्द्र साहू को 6500 रुपए मासिक वेतन देकर पढ़ाने के लिए रखा गया है।। मामले की शिकायत मंत्रालय स्तर में होने से इसकी जांच हुई। जांच में संबंधित कर्मचारियों ने तात्कालीन एसडीओ पर ही आरोप मढ़ दिया कि साहब ने जबरन दबाब डालकर पंचनामा बनवाया है। जिसे सुनकर जांचकर्ता अधिकारी भी दंग रह गए।
जल्द जांच रिपोर्ट सौंपेंगे: जांच अधिकारी बसना बीईओ बद्रीविशाल जोल्हे ने कहा कि केवल शिक्षकों का बयान लिया गया है। जल्द ही प्रतिवेदन बनाकर जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
शिकायत के बाद भी बीईओ ने नहीं लिया एक्शन: धनीराम चौधरी के लकवाग्रस्त होने और जितेन्द्र साहू को अध्यापन के लिए रखने की सूचना 2 अगस्त 2022 को संकुल प्रभारी एवं संकुल समन्वयक ने लिखित में बीईओ कार्यालय सरायपाली को देकर पावती ली है। इस पर तात्कालीन बीईओ प्रकाश चन्द्र मांझी ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
दोषियों पर होगी कार्रवाई: डीईओ विजय कुमार लहरे ने बताया कि जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच में उजागर हुआ कि स्कूल के दाखिल खारिज पंजी, अंकसूची, स्थानातंरण पत्र में तात्कालीन प्रधानपाठक धनीराम चौधरी की जगह शिक्षक मनीष साहू और दिनेश पटेल हस्ताक्षर कर सील मोहर लगाते थे। दोनो शिक्षकों ने बताया कि धनीराम चौधरी का हाथ कांपता था। जिसे कारण वे श्री चौधरी हस्ताक्षर कर नही पाते थे। अब सवाल उठ रहा है कि धनीराम चौधरी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कैसे कर लेते थे। या उनकी जगह कोई दूसरा हस्ताक्षर करता रहा।
शिक्षकों ने की थी प्रधान पाठक की शिकायत लिमगांव स्कूल में ठण्डाराम टिकूलिया संकुल प्रभारी, गिरधारी लाल पटेल संकुल समन्वयक, शिक्षक दिनेश पटेल, जितेन्द्र साहू, एबीईओ डीएन दीवान और जितेन्द्र रावल ने एक पंचानामा तैयार कर हस्ताक्षर किए थे। पंचनामा के अनुसार धनीराम पिछले 1 वर्ष से स्कूल नहीं आ रहे हैं। वे जितेन्द्र साहू को 6500 प्रतिमाह रुपए देकर पढ़ाने भेजा जाता है।
शिक्षा सचिव से शिकायत के बाद दोबारा जांच आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने इसकी शिकायत सुबोध सिंह सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय, सिद्वार्थ कोमल परदेशी सचिव स्कूल शिक्षा विभाग से 18 फरवरी 2025 को की थी, जिसमें 11 दिसम्बर को जांचकर्ता अधिकारी लिमगांव पहुंचे। इनमें बद्रीविशाल जोल्हे बीईओ, लोकेश्वर कंवर एबीईओ, अनिल साव बीआरसीसी एवं खिरोद पुरोहित शामिल हैं।
उपस्थिति पंजी में धनीराम के हस्ताक्षर हैं, अन्य दस्तावेज में नहीं। जांच में सितम्बर 2022 से 11 अगस्त 2023 तक जितेन्द्र साहू ने पढ़ाया। औचक निरीक्षण के दूसरे दिन से जितेन्द्र गायब हो गया। लकवाग्रस्त धनीराम का उक्त अवधि में पंजी में भी हस्ताक्षर है।
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