चंपावत जिले के टनकपुर में हरेला क्लब की ओर से 20वां दो दिनी उत्तरायणी कौतिक का शारदा घाट से गांधी मैदान तक भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। कौतिक में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमाें की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
बुधवार सुबह पूर्व शारदा घाट से महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में शारदा का जल लेकर गांधी मैदान तक कलश यात्रा निकाली। इसमें ढोल नगाड़ों के साथ छोलिया नृत्य दल और स्कूली बच्चे शामिल रहे। कलश यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल गांधी मैदान पहुंचकर संपन्न हुई। समाजसेवी धर्मानंद पांडेय की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि शिक्षाविद समाजसेवी डाॅ. मदन महर ने दीप जलाकर कौतिक का शुभारंभ किया।
इसके बाद पंखुड़ी थारू सांस्कृतिक समिति खटीमा के दल नायक अशोक सिंह खड़का के नेतृत्व में कलाकारों ने एक के बाद एक प्रस्तुति से धमाल मचाया। कुमाऊंनी लोक गायक भुवन पांडेय ने ठंडो रे ठंडो मेरो पहाड़ की हवा ठंडी… आदि गीतों से समा बांधा। गायक राजेंद्र सिंह अधिकारी ने नी भुलूं म्यारा दादा आपन पहाड़.. गीत से पहाड़ से तराई में आकर बसे लोगों को पहाड़ की याद दिलाई। स्थानीय कलाकारों ने एकल, समूह गीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
इस दौरान क्लब अध्यक्ष अजय गुरुरानी, डीडी भट्ट, अजय देऊपा, अनिल गड़कोटी, नवीन जुकरिया, एमएम जोशी, धर्मेंद्र चंद, मदन बोहरा, डीएस धामी, विद्या जुकरिया, शांति भट्ट, हेमा वर्मा, हंसा जोशी, रीता कलखुड़िया, दीपा नरियाल आदि थे।
निर्धन मूल की कन्या का कराया गया विवाह
उत्तरायणी कौतिक के शुभ अवसर पर निर्धन कन्या का विवाह कराया गया। यूपी के लखीमपुर और नगर के घसियारामंडी स्थित मामा बलवीर निषाद के घर पर रह रही निर्धन कन्या आशा का इलाहाबाद के अरुण के साथ विवाह कराया गया। क्लब ने बताया कि पहली बार यह पहल की गई जिसमें चार आवेदन आए थे लेकिन तीन आवेदन क्लब के नियमों को पूरे नहीं कर पाए थे।
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