बाड़मेर पुलिस ने सीमावर्ती इलाके में एक बार फिर एमडी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। एक खेत में बने झोंपे में एमडी को तैयार कर बाड़मेर से मेट्रो शहरों तक सप्लाई होती है। पुलिस ने खेत में दबिश देकर दो आरोपियों को डिटने कर मौके से केमिकल और अन्य एमडी सामग्री को बरामद किया है।
सेड़वा के सिंहार इलाके में एमडी बनाने की यह तीसरी फैक्ट्री पकड़ी गई है, जबकि बाड़मेर में पिछले डेढ़ साल में यह छठी एमडी फैक्ट्री की कार्रवाई है। प्रदेश में सर्वाधिक एमडी फैक्ट्री पकड़ने की कार्रवाई बाड़मेर जिले में हो रही है। गुजरात से सटा हुआ होने के साथ ही बॉर्डर के रास्तों से तस्कर ड्रग्स को गुजरात और महाराष्ट्र के शहरों तक सप्लाई कर मोटी रकम कमा रहे हैं। पुलिस ने मौके से 3 किलो एमडी ड्रग्स भी बरामद की है। डिटेन किए गए आरोपियों से पूछताछ में इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना है। देशी तरीके से एमडी बना रहे, सभी जगह बिलोना करने की मशीनें बरामद बाड़मेर पुलिस को मुखबीर से मिली सूचना पर सेड़वा पुलिस ने सिंहार गांव के एक खेत में दबिश दी। जहां बड़ी मात्रा में एमडी, एमडी बनाने की मशीन, कैमिकल्स और अन्य सामग्री बरामद की गई है। दरअसल तस्कर देशी तरीके से एमडी को बनाते हैं। इसके लिए गांवों में बिलोना करने में काम में ली जाने वाली मशीन का अब एमडी बनाने में उपयोग हो रहा है। दही को जिस तरह से मशीन छाछ में बदलती है, उसी तरह कैमिकल्स मिक्स के बाद इसी मशीन का उपयोग कर एमडी बनाई जा रही है। बाड़मेर एसपी नरेंद्रसिंह ने बताया कि पुलिस ने दो लोगों को मौके से दस्तयाब किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं आसपास के इलाकों में भी दबिश दी गई है। गुजरात-महाराष्ट्र नजदीक, चोरी के लिए सुगम रास्ते सेड़वा इलाके में यह एमडी की तीसरी फैक्ट्री है। इसी के नजदीकी सांचौर इलाके में भी कुछ दिन पहले एक फैक्ट्री पकड़ी गई थी। बॉर्डर इलाके में फैक्ट्री लगाने के लिए पीछे की एक वजह ये भी है कि यहां से गुजरात व महाराष्ट्र नजदीक है और बॉर्डर के चोरी-चुपके रास्तों से बिना चेकिंग और पकड़े जाने के डर से तस्कर आसानी से एमडी खेप की सप्लाई महानगरों तक कर रहे है। इसी वजह से बॉर्डर इलाका तस्करों की पसंद बन गया है। बाखासर से गुजरात के लिए भारत माला हाइवे है, लेकिन यहां के मुख्य रास्तों पर पुलिस की चेक पोस्ट भी नहीं है। बाड़मेर में अब तक 6 एमडी फैक्ट्री पकड़ी जा चुकी 10 सितंबर 2024 – डीआरआई ने बाड़मेर रामसर इलाके में चल रही ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी थी। इसका कनेक्शन पाकिस्तान के तस्कर तनवीर शाह से था। 22 जुलाई 2025- सेड़वा इलाके में फैक्ट्री पकड़ी गई, जिसमें 10 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई। 19 जुलाई 2025- डीएसटी टीम ने सदर थाना इलाके के केरली नाडी इलाके में एमडी फैक्ट्री पकड़ी। यहां भी मशीनरी, केमिकल और करीब 38 किलो निर्मित एमडी बरामद की थी। 5 फरवरी 2026- सेड़वा के भैरूड़ी गांव में एएनटीएफ और बाड़मेर पुलिस ने पकड़ी थी। यहां भी केमिकल बरामद हुआ। 16 फरवरी 2026- धोरीमन्ना पुलिस ने एक घर पर दबिश देकर वहां से केमिकल बरामद किया । यहां भी एमडी फैक्ट्री चलाई जा रही थी। 22 फरवरी 2026- सेड़वा के सिंहार गांव में एमडी फैक्ट्री पकड़ी, दो दस्तयाब। 3 किलो एमडी बरामद। “सेड़वा में एमडी फैक्ट्री पकड़ी है, दो लोगों को हिरासत में लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। मौके से 3 किलो एमडी, मशीनरी व केमिकल बरामद किए है। पुलिस दबिश दे रही है।” -नरेंद्र सिंह मीना, एसपी, बाड़मेर।
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