चंपावत जिले में कड़ाके की ठंड के बीच तेंदुए की दहशत बनी हुई है। चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट, पाटी ब्लॉक के गांवों में आदमखोर वन्यजीव अक्सर दिखाई दे रहे हैं। अब तक लोहाघाट, बाराकोट में तेंदुओं ने दो लोगों को मौत के घाट उतारा था और लगातार तेंदुए के हमले की घटनाएं भी हो रही हैं। वन विभाग ने इन क्षेत्रों में सतर्कता और गश्त बढ़ा दी है।
संवाद न्यूज की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का रात में दौरा किया। वन विभाग की गश्त की प्रक्रिया का जायजा लिया। चार जनवरी रविवार को वन विभाग के साथ टीम लोहाघाट के ग्राम पंचायत मंगोली गांव के धूरा तोक पहुंमी। उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार वन कर्मियों के साथ गश्त कर रहे थे। इस दौरान यहां लगाए गए ट्रैप कैमरों की जांच की गई। जंगल क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे को जांचा गया लेकिन तेंदुए के निशान नहीं मिले। हालांकि अन्य जानवर के पैर के निशान दिखाई दिए। इसके बाद टीम ने ड्रोन उड़ाकर जंगल क्षेत्र के रास्तों को देखा लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद टीम वन विभाग के साथ घटना स्थल पर पहुंची जहां जहां तेंदुए ने 12 नवंबर को धूरा तोक निवासी भुवन राम (45) पुत्र देव राम को मार डाला था। वहां पर भी कोई हलचल नहीं दिखाई दी। कोयटी भी जाकर पड़ताल की।
पीड़ित परिवार के घर भी पहुंचे
फिर टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची। परिवार के लोगों ने बताया कि हमले के बाद से सब सचेत हैं। वन विभाग की टीम दिन और रात के समय गांव में आती है। सन्नाटे के बीच अंधेरी रात में आबादी वाले क्षेत्र में गश्त और मौका मुआयना करने के बाद टीम वन विभाग के साथ दिगालीचौड़ पहुंची। यहां पर रेंजर एनडी पांडेय और कर्मी लोगों को जागरूक करते नजर आए। कड़ाके की ठंड में तीन घंटे की पड़ताल के दौरान कई ग्रामीणों से वन कर्मियों संवाद किया। उन्होंने बताया कि एक तेंदुआ उनके क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहा है। विभाग की एक टीम सड़क मार्ग और गांव के मुख्य स्थान वाहन के माध्यम से मुनादी करती नजर आई कि घर से बेवजह न निकले, वन विभाग गश्त कर रहा है।
कड़ाके की ठंड में कांप रहे हाड़
लोहाघाट क्षेत्र में सर्दी हवाओं के बीच कड़ाके की ठंड में काम करना आसान नहीं है। वन कर्मी ट्रेंकुलाइज गन लेकर आबादी से सटे जंगल पर नजर रख रहे हैं। कभी ड्रोन गांव के पास उड़ाकर नजर रख रहे हैं। पड़ताल के दौरान वन विभाग के उपप्रभागीय वनाधिकारी सुनील ने बताया कि बाराकोट, मंगोली, धौन, ललुवापानी, पाटी आदि क्षेत्रों में टीम गश्त कर रही है। वह लगातार रात में इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कहीं से भी सूचना मिलने पर टीम तुरंत ही रिस्पांस कर मौके पर पहुंचती है। वन दरोगा अजयजीत टम्टा, वन रक्षक हिमांशु ढेक, रोहित मेहता आदि रहे।
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