चिरंजीव |सोनवर्षाराज सरकार का निर्देश है कि अंचल कार्यालय में शनिवार को जनता दरबार लगेगा। इसमें सीओ और संबंधित थाना के पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहेंगे, लेकिन सहरसा जिले के सोनबर्षाराज में जनता दरबार मजाक बन गया है। यहां अंचल अधिकारी के बदले कार्यालय के कर्मी ही फरियादियों की समस्याएं सुनते हैं और निर्देश देते हैं। आदेश मानने की धमकी भी देते हैं। नहीं मानने पर कार्रवाई की बात कहते हैं। ऐसे में जमीन संबंधी विवाद का समाधान कैसे होगा, जब अधिकारी के बदले अंचल कर्मी ही निर्णय लेंगे। सोनबर्षाराज सीओ के वेश्म में शनिवार को आयोजित जनता दरबार में सीओ, आरओ, अंचल निरीक्षक एवं राजस्व कर्मचारी नहीं बल्कि अंचल के क्लर्क जमीन संबंधी मामले की सुनवाई करते दिखे। अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में सोनवर्षा थाने से एसआई राकेश कुमार मौजूद थे। अंचल की तरफ से भूमि विवादों की सुनवाई एक कनीय स्तर के लिपिक छोटू कुमार कर रहा था। इससे जाहिर होता है कि कर्मी द्वारा दिए गए फैसलों और निर्णय पर सीओ की सिर्फ मुहर लगती है और वे हस्ताक्षर की औपचारिकता करते हैं। भंवरा के रैयत उमाकांत पासवान ने बताया कि उनके एक जमीन विवाद में किरानी छोटू कुमार ने कहा कि तुम दस दिन के अंदर अपनी जमीन की मापी करवाओ, नहीं तो तुम पर प्राथमिकी दर्ज करवा दूंगा। उनका कहना था कि विपक्षी विवादित जमीन की जगह उसके निजी केबाला की जमीन भी जोतने नहीं दे रहा है। ^मैं फार्मर रजिस्ट्री काम में उलझा था और आरओ छुट्टी में हैं। इसलिए किरानी को बैठाया गया था। -जितेंद्र कुमार सिन्हा, सीओ सुनिए! फरियादी ने क्या कहा मैं फार्मर रजिस्ट्री काम में उलझा था
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