जिले में ग्रामीण रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की उम्मीदें एक बार फिर जगी हैं। रोडवेज निगम ने बसों का संचालन शुरू करवाने के लिए नियमों में शिथिलता दी है। नियमों में बदलाव के बाद अब बस संचालक बसों का रूट खुद तय कर पाएंगे। संचालकों द्वारा जिन रूटों का निर्धारण किया जाएगा, उन रूटों पर दूसरी बस नहीं चलेगी।
दरअसल मार्च में निगम ने ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन शुरू करवाने के लिए आवेदन मांगे थे। तब नियमों में काफी पेचिदगियां थीं, जिसके चलते संचालकों का रुझान कम रहा था। चूरू रोडवेज डिपो में सिर्फ एक ही आवेदन आया था और उसमें भी खामियां थी। अब नियमों में बदलाव के बाद इस योजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि चूरू व सरदारशहर डिपो ने पहले बसों के संचालन के लिए रूट तय किए थे। पहले चूरू डिपो से 4 रूटों पर 4 बसें तथा सरदारशहर डिपो से 4 रूटों पर 4 बसें चलने वाली थी। इससे जिले के 100 अधिक गांव जहां रोडवेज बसों का संचालन नहीं है, वे लाभान्वित होने वाले थे। बता दें कि ग्रामीण रूट की बसों में निगम की सभी फ्री और रियायती यात्रा सुविधाएं मान्य होंगी।
^ ग्रामीण रूटों पर बसों के संचालन के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। अब संचालक बस का रूट तय कर सकेंगे। बसों के संचालन को लेकर 10 दिसंबर तक टेंंडर प्रक्रिया हो जाएगी। ग्रामीण यात्रियों को जल्द से जल्द इन बसों की सेवा प्रदान करने के प्रयास करेंगे।
-सुदीप शर्मा, मुख्य आगार प्रबंधक, चूरू डिपो यह सेवा रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर होगी। इसमें 2020 के बाद पंजीकृत नई बसें ही पात्र होंगी। बसों में किराया प्रति सीट 1.50 रुपए प्रति किलोमीटर रहेगा। संचालकों को चयनित रूट पर विशेष अधिकार देंगे। तय रूट पर दूसरी बस नहीं चलेगी। अन्य खर्च संचालकों को वहन करना होगा। नियमों के अनुसार ऑपरेटर निगम को प्रति सीट, प्रति किमी न्यूनतम 0.23 रुपए देंगे।
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