नई चौपाटी इलाके में भास्कर के कैमरे में गांजा बेचते कैद हुई महिला।
नए साल पर रायपुर में सूखे नशे की डिमांड बढ़ी है। बड़ी क्वांटिटी में सूखे नशे की खेप रायपुर पहुंची है। पिछले दिनों हुई पुलिस की कार्रवाई में भी ये बात सामने आई। भास्कर ने पूरे मामले की पड़ताल की तो पता चला रायपुर के कई इलाकों में बेधड़क सूखे नशे का व्यापा
शहर के पॉश इलाकों से लेकर बस्तियों के भीतर तक नशा बेचा जा रहा है। महीने भर पहले साइंस कॉलेज से चौपाटी हटाकर आमानाका ओवर ब्रिज के नीचे शिफ्ट कर दी गई है। लेकिन ये इलाका रायपुर शहर में सूखे नशे (गांजा) का कोर जोन बना हुआ है। 100-100 रुपए की पुड़िया में गांजा बिक रहा है।
सूखे नशे के इस व्यापार को फ्रंट पर तो महिलाएं ऑपरेट करती हुई दिखती हैं। लेकिन बैक डोर पर कंट्रोल करने वाले दूसरे कई लोग हैं। ये सामने नहीं आते। लेकिन हाथों में रॉड, पाइप और शर्ट की आड़ में कमर पर बटन चाकू छुपाए इन महिलाओं के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते रहते हैं। और कुछ भी गड़बड़ी होने पर तुरंत एक्टिव हो जाते हैं।
पहले देखिए ये तस्वीरें-
शहर के पॉश इलाकों से लेकर बस्तियों के भीतर तक नशा बेचा जा रहा है। भास्कर रिपोर्टर कस्टमर बन कर तस्करों तक पहुंचे।

आमानाका ओवर ब्रिज के नीचे नई चौपाटी वाला इलाका सूखे नशे का कोर जोन बना हुआ है।

भास्कर रिपोर्टर ने कस्टमर बन कर खरीदी गांजे की पुड़िया। ये पुड़िया 100-100 रुपए में बेची जा रही है।
भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के दौरान सबकुछ कैमरे में कैद हुआ। पढ़िए ये लाइव रिपोर्ट…
जगह- आमानाका ओवर ब्रिज, शाम के लगभग 7 बज रहे हैं…
ओवर ब्रिज के शुरूआती छोर पर एक 28-29 साल का एक लड़का खड़ा है। ऑफिस से निकलते वक्त इस लड़के से हमारी बातचीत हुई है। इसने बताया है कि नए साल के लिए सूखा नशा बड़ी मात्रा में पहुंचा है। हमें देखते ही लड़के ने दोनों हाथ ऊपर कर हमें अपने पास आने का इशारा किया।
ब्रिज के किनारे एक पान ठेले तक ले गया है। यहां एक कोने पर गाड़ी पार्क हुई। लड़का बोला- ऐसे जाओगे तो पहचान जाएंगे वो लोग। हमला-वमला कर देंगे। बाद में कुछ होगा भी नहीं। कोर्ट में ये हो जाएगा कि हमला नशे में किया गया था।
एक काम करो आप मेरी जैकेट और टोपी पहनो। गाड़ी भी मेरी ले जाओ और सारी महंगी चीजें यहीं छोड़ जाओ। हमने लड़के की बात मानी। सोने की ज्वेलरी उतारी, कपड़े और गाड़ी की अदला-बदला भी हो गई।
नई चौपाटी हाथों में पाइप-रॉड लेकर टहलते दिखे लोग
हमने अब लड़के से लोकेशन पूछा। लड़के ने बताया नई चौपाटी जहां शिफ्ट हुई वहीं रुकना। कुछ लोग आग तापते हुए दिखेंगे। कुछ देर वेट करोगे तो खुद ही सब समझ आ जाएगा। इसके बाद हम पान ठेले से आगे बढ़े। जिस प्वाइंट पर लड़के ने रुकने कहा था, हमने वहीं गाड़ी रोकी।
ये प्वाइंट सरस्वती नगर थाने से बस 500 मीटर की दूरी पर है। नई चौपाटी वाली जगह है। आस-पास खानाबदोशों का डेरा है। कुछ लोग हाथों में रॉड-पाइप लिए चक्कर लगा रहा हैं। अब तक ये समझ नहीं आया कि नशा लेना किससे है?

नई चौपाटी इलाके में भास्कर के कैमरे में गांजा बेचते कैद हुई महिला।
कुछ देर इंतजार करने के बाद महिला पुड़िया थमाती हुई दिखी
तभी स्कूटी पर एक कपल पहुंचा। जोड़े की उम्र 20 साल के आस-पास की लग रही है। इन्हें देखकर खानाबदोश लोगों के डेरे से एक लड़का इनके पास आया है। आते ही कुछ कपल काे कुछ थमाया। दोनों ओर की बातचीत देखकर लग रहा है कि पुरानी पहचान है।
हम ये सब देख ही रहे हैं कि बगल में 3 गाड़ियां आकर और पार्क हो गईं। ये लोग तेजी से खानाबदोश डेरे की ओर बढ़ें। एक महिला से मिले, कुछ लिया और जितनी तेजी से गए थे उसकी दोगुनी तेजी से वापस आए। गाड़ियां उठाई और चले गए।
हमने भी महिला से 100 रुपए की एक पुड़िया खरीदी
अब लगभग मामला समझ में आ गया। हमने भी गाड़ी पार्क की, महिला के पास पहुंचे। उससे पुड़िया मांगी। पैसे जेब से निकाल ही रहे हैं कि पीछे से आवाज आई, क्या दिक्कत है। जल्दी करो। हमने तेजी से हाथ चलाए। पैसे दिए, गांजे की पुड़िया ली और मौके से रवाना हुए।
जगह- कुकरबेड़ा बस्ती, रात के 8 बज रहे हैं…
हम वापस आकर अपने सोर्स से मिले। उसने हमें बताया ये एक अकेला अड्डा नहीं है। कुकरबेड़ा बस्ती के अंदर भी यही काम चल रहा है। हमने लड़के से कहा- तुरंत चलो। लड़का बस्ती के शुरुआत के प्वाइंट तक हमारे साथ रहा। यहां से हम अकेले ही आगे बढ़े।

कुकरबेड़ा बस्ती के अंदर भी चल रहा गांजा बेचने का काम।
जैसे-जैसे हम बस्ती के अंदर जा रहे हैं, अंधेरा बढ़ता जा रहा है। बस्ती के बीच में हमें एक ग्रुप आग तापते हुए दिखा। लड़के ने हमसे इसी ग्रुप के बारे बात की थी। हमें देखते ही ग्रुप का एक ने लड़के ने हाथ हिलाकर अपने बुलाया।
अंधेरे के चलते ग्रुप में बैठे किसी का भी चेहरा पहचान पाना मुश्किल है। सिर्फ आग की रोशनी ही है। आवाज से समझ आ रहा है कि ग्रुप में लड़कियां भी हैं। लड़के को हमने बिना कुछ कहे 100 रुपए दिए। लड़के ने एक लड़की से पुड़िया ली और हमें पकड़ा दी। इसके बाद हम मौके से रवाना हुए।

कुकरबेड़ा बस्ती में पुड़िया लेकर लौटता हुआ भास्कर रिपोर्टर।
जगह- सिविल लाइन, रायपुर, सेम डे…
ये सबकुछ जब घट रहा है, उसी दौरान IG अमरेश मिश्रा और SSP डॉ. लाल उमेद सिंह सिविल लाइन में बैठक ले रहे थे। बैठक में जिले के सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों मौजूद थे। IG सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नशा बिक्री रोकने पर सख्त निर्देश दे रहे थे।
IG ने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा IG ने संवेदनशील इलाकों में थाना प्रभारी को पेट्रोलिंग बढ़ाने को भी कह रहे हैं। हालांकि, जिन 2 ठिकानों पर भास्कर की टीम पहुंची।
पुलिस महकमे को उन 2 ठिकानों की जानकारी नहीं है, ऐसा भी नहीं है। कुछ लोकल लोगों ने 6 महीने पहले इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी है। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं अब तक नहीं हुई है।