प्रदेश में भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, ग्लेशियरों से बनी झीलों आदि से जुड़े खतरों व जोखिम का आकलन करने के लिए समिति का गठन किया गया है। यह समिति मूल्यांकन कर तीन माह के भीतर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। जम्मू-कश्मीर के जोखिम वाले क्षेत्रों का सीमांकन कर उनका एटलस तैयार करने का जिम्मा भी समिति को सौंपा गया है। प्रदेश में बीता साल आपदाओं के नाम रहा है। ऐसे में इस समिति की भूमिका और अहम हो जाती है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सलाहकार (शमन) सफी अहसान रिजवी इसके अध्यक्ष होंगे। जलशक्ति विभाग, पीडब्ल्यूडी, आवास और शहरी विकास, वन, पारिस्थितिकी, पर्यावरण तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के प्रशासनिक सचिव व संभागीय आयुक्त इसके पदेन सदस्य होंगे।
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