कालका-शिमला रेल खंड पर डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) का परीक्षण सफल हो गया है। अब इस नई ट्रेन के किराए व समय-सारिणी को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा ताकि विश्व धरोहर इस रेल खंड पर सैलानियों को भी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ट्रेन में सफर करने का मौका मिले।
परीक्षण के दौरान लखनऊ से आई अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) सहित रेल कोच फैक्ट्री चेन्नई की टीम मौजूद रही। ट्रेन का संचालन से पहले खाली किया गया, फिर इसके बार यात्री भार के हिसाब से वस्तुओं को रखकर परीक्षण किया गया, वहीं बर्फबारी के दौरान भी डीएचएमयू का संचालन काफी संतोषजनक रहा और डीएचएमयू ने कालका से शिमला तक की दूरी बिना किसी परेशानी के पूरी की।
पर्यटन की दृष्टि से पहली बार तीन कोच वाला ट्रेन सेट रेलवे द्वारा तैयार करवाया गया है ताकि पुराने कोच को नए कोच से बदला जा सके। नए कोच के बाहर भी बर्फीली वादियों पर आधारित चित्र बनाए गए हैं जोकि सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा तीनों कोच एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इंजन के साथ बोगी में 19-19 सीटें हैं जबकि बीच वाले कोच में 21 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा एलईडी और फायर सेफ्टी सिस्टम और मोबाइल चार्जर की सुविधा भी प्रदान की गई है। कालका से शिमला तक की दूरी 96 किमी है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.