राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किए जाने पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव का कार्यकारी अध्यक्ष बनना राजद के राजनीतिक ताबूत में अंतिम कील साबित होगा।
</p><div>
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव के अब तक के जीवन को देखा जाए तो उनकी उपलब्धि मात्र एक भ्रष्टाचार की ही रही है। इसके अलावा वे पढ़ाई से लेकर राजनीति तक में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि असफलता की पराकाष्ठा पर पहुंच चुके तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देना परिवार की मजबूरी है।
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<p><strong>पढ़ें- <a href="https://www.amarujala.com/bihar/muzaffarpur/vaishali-a-friend-was-kidnapped-in-the-name-of-getting-a-job-and-demanded-five-lakh-rupees-hajipur-news-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1236-3880422-2026-01-25">भारी पड़ा भरोसा: दोस्त का अपहरण कर मांगी पांच लाख रुपये फिरौती, मारा-पीटा भी; नौकरी लगवाने के नाम पर बुलाया था</a></strong>
<!-- removed read more from here -->
<br/><!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<br/>
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
<!-- removed read more from here -->
संजय सरावगी ने आगे कहा कि राजद में अब्दुल बारी सिद्दीकी, जगदानंद सिंह, उदय नारायण चौधरी जैसे वरिष्ठ और दिग्गज नेता हैं, लेकिन तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर राजद ने साबित कर दिया कि पार्टी में परिवारवाद की जड़ें काफी गहरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना उस पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन जिस तरह इस निर्णय को लेकर विरोध का बिगुल अपने परिवार से ही बजा है, वह राजद के भविष्य के लिए सुखद संकेत नहीं है। संजय सरावगी ने कहा कि राजद वास्तव में अब समाप्ति की ओर बढ़ रही है। उनके अनुसार, यह फैसला पार्टी के लिए विनाशकारी साबित होगा और राजद के अस्तित्व पर सवाल खड़े करेगा।
</div>
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.