रिपोर्ट के अनुसार फॉर्म भरने के बाद लौटते समय जावेद, मुस्ताक टिटोरिया, उसकी मां खतिजा, पत्नी सुहाना सहित 10-15 लोगों ने किशोरी को पकड़कर जमीन पर गिरा दिया, उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। बीच-बचाव करने पर किशोरी की मां के साथ भी मारपीट की गई।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर पीठ पुलिस चौकी पहुंचे, जहां आरोपी और उनके समाज के लोग भी पहुंच गए और मां-बेटी को घेर लिया। आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और दोनों को घर भेज दिया गया। बाद में किशोरी के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगले दिन भी आरोपी घर के आसपास घूमते रहे।
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आरोपी जावेद के खुलेआम बाजार में घूमने की जानकारी मिलने पर किशोरी मानसिक रूप से टूट गई और उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सीमलवाड़ा, फिर डूंगरपुर और बाद में उदयपुर रैफर किया गया, जहां बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई।
किशोरी की मौत के बाद परिजन और सर्वसमाज के लोग धम्बोला थाने पहुंचे और धरना दिया। बाद में वे पीठ पुलिस चौकी पहुंचे, जहां बुधवार रातभर धरना चलता रहा। सीमलवाड़ा डीएसपी मदन विश्नोई सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने समझाइश की लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। लोगों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने, 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
गुरुवार दोपहर तक सैकड़ों लोग धरने पर डटे रहे। हालात को देखते हुए किशोरी का शव डूंगरपुर पहुंचने के बावजूद फिलहाल गांव नहीं ले जाया गया है।
डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि मामले में अब तक 6 आरोपियों को डिटेन किया गया है। इनमें जावेद, सुहाना, खतिजा के अलावा जावेद के पिता, भाई और बहन शामिल हैं। पीठ पुलिस चौकी प्रभारी एसआई मणिलाल को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।
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