शहर में हर घर के बाहर लगेंगी क्यूआर कोड स्कैनप्लेट, पटयोग, न्यू शिमला और अपर ढली में किसी एक वार्ड से होगा आगाज
सफाई कर्मियों को हर भवन का कोड करना होगा स्कैन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में मार्च माह से लोग प्रॉपर्टी टैक्स और कूड़ा शुल्क घर के बाहर लगने वाले क्यूआर कोड स्कैन कर जमा करवा सकेंगे। इसके अलावा इस स्कैन कोड के जरिये संबंधित भवन का पूरा डाटा भी नगर निगम के पास उपलब्ध रहेगा। इसके साथ नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को भी यह कोड हर रोज स्कैन करना होगा। इससे यह भी पता चलेगा कि कर्मचारी ने भवन से कूड़ा उठाया है या नहीं।
पटयोग, न्यू शिमला और अपर ढली में से किसी एक वार्ड से पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत होगी। इन दिनों नगर निगम इस कार्य को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है। निगम का दावा है कि नंबर प्लेट बनाने का काम चला हुआ है। ऐसे में इसके काम के पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से यह काम अन्य वार्डों में भी शुरू कर दिया जाएगा। राजधानी में नगर निगम यूनिक क्यूआर कोड के कार्यों में लगातार काम में जुटा हुआ है। ऐसे में बारकोड ट्रैकिंग सिस्टम के लागू होने के बाद न केवल भवन की पूरी जानकारी नगर निगम के पास एक क्लिक पर उपलब्ध होगी बल्कि सफाई व्यवस्था पर भी निगम की पैनी निगरानी रहेगी। नगर निगम का दावा है कि इस प्रक्रिया से किस वार्ड से कितने बजे व किन-किन घरों से कूड़ा उठा है आदि की पूरी जानकारी निगम के पास रहेगी। इसे स्कैन करने के बाद गारबेज कलेक्टर की हाजिरी भी लग जाएगी। अब तक लोगों के घरों से कूड़ा न उठने की जो शिकायतें नगर निगम को आती थीं वह भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह कार्य किया जाएगा।
शहर में 66 हजार भवन
शहर में 66 हजार के करीब भवन हैं। इन सभी घरों के बाहर यह प्लेटें लगाई जानी हैं। इस प्लेट की कीमत 100 रुपये है, ऐसे में सभी घरों में यह प्लेट लगाना निगम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। एमसी का दावा है कि क्यूआर कोड प्लेट लगने के बाद आय में भी बढ़ोतरी होगी।