शिरोमणि अकाली दल बादल की नेता कंचनप्रीत कौर सोमवार शाम तरनतारन सिटी थाने पहुंचीं। वह कोर्ट के आदेश पर दर्ज मामलों की पुलिस जांच में शामिल होने आई थीं। हालांकि, आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सका और उन्हें 25 फरवरी तक का समय दिया गया है। कंचनप्रीत कौर, जो तरनतारन उपचुनाव के दौरान अकाली दल की उम्मीदवार बीबी सुखविंदर कौर रंधावा की बेटी हैं, उनके खिलाफ सिटी तरनतारन थाने में दो मामले (केस नंबर 240 और 261) दर्ज किए गए थे। ये मामले सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार करने और पुलिस के साथ कथित छेड़छाड़ से संबंधित हैं। पुलिस जांच में शामिल होने का आदेश कोर्ट ने कंचनप्रीत कौर को पासपोर्ट से संबंधित मजीठा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में जमानत दे दी है। इसके अतिरिक्त, उन्हें झबाल पुलिस स्टेशन और सिटी तरनतारन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों में भी जमानत मिली है। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें इन मामलों की पुलिस जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। सिटी तरनतारन पुलिस स्टेशन में पेश हुईं कंचनप्रीत कौर अपने अकाली दल के साथियों और मौजूदा पार्षदों के साथ सिटी तरनतारन पुलिस स्टेशन में पेश हुईं। उनके वकील ने सिटी हेड इंस्पेक्टर नवदीप भट्टी से लगभग आधे घंटे तक बातचीत की, जिसके बाद कंचनप्रीत कौर वापस लौट गईं। 25 फरवरी तक का समय मिला कंचनप्रीत कौर ने बताया कि जांच अधिकारी के थाने में मौजूद न होने के कारण पुलिस जांच पूरी नहीं हो पाई। उन्हें 24 फरवरी को फिर से पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन अब 25 फरवरी तक का समय मिला है। उन्होंने पंजाब सरकार पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया, साथ ही कोर्ट पर पूरा भरोसा जताया। 25 फरवरी को दस्तावेज पेश करने को कहा गया थाना सिटी तरनतारन के प्रमुख नवदीप भट्टी ने जानकारी दी कि कंचनप्रीत कौर से कुछ दस्तावेज पेश करने को कहा गया था, जो वह साथ नहीं लाई थीं। इसी कारण उन्हें 25 फरवरी तक का समय दिया गया है, ताकि वह अपने दस्तावेज पेश कर सकें।
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