पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह एवं जिला कांग्रेस सरगुजा के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने शनिवार को राजीव भवन अंबिकापुर में पत्रकार वार्ता करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम पारित कर ग्रामीण मजदूरों को काम की संवैधानिक गारंटी दी थी, जिससे अब तक 180 करोड़ से अधिक कार्यदिवस सृजित हुए और 10 करोड़ से ज्यादा परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ।
उन्होंने बताया कि आर्थिक मंदी और कोविड जैसे संकट काल में मनरेगा ने देश की अर्थव्यवस्था को सहारा दिया। कैग ऑडिट और 200 से अधिक अध्ययनों ने इसे सफल योजना बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नई एनडीए सरकार ने योजना का नाम बदलकर इसके मूल प्रावधान समाप्त कर दिए हैं। नई योजना में काम मांगने का अधिकार, ग्राम पंचायतों की भूमिका और न्यूनतम मजदूरी की गारंटी खत्म की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अब केंद्र सरकार मनमाने ढंग से कार्य आवंटन करेगी और बजट का बोझ 60:40 के अनुपात में राज्यों पर डाल दिया गया है, जिससे राज्य सरकारें योजना लागू करने से पीछे हट सकती हैं। इससे ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। प्रेस वार्ता क दौरान कांग्रेस प्रवक्ता अनूप मेहता,लक्ष्मी गुप्ता, शैलेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य मौजूद थे।
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