इस अवसर पर जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल, अतुल गोविंद भुस्कुटे और रामदीन पटेल विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से देश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सीधा लाभ मिलता है।
स्वदेशी मेला संयोजक डॉ. एल.एन. पाराशर ने बताया कि मेले का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और देशभर के हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। मेले में विभिन्न राज्यों के 130 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प, बनारसी साड़ियां, मुरादाबाद का पीतल शिल्प सहित अनेक आकर्षक स्वदेशी उत्पाद उपलब्ध हैं।
आमजन को स्वदेशी से जोड़ने के लिए मेले में प्रवेश पूर्णतः निशुल्क रखा गया है। यह मेला न केवल खरीदारी का केंद्र बनेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वदेशी परंपरा को करीब से जानने का अवसर भी प्रदान करेगा।
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