रोपड़ में अवैध खनन के लिए बनाए गए पाइपों के अस्थायी पुल को ध्वस्त करते समय की फोटो।
सतलुज नदी में अवैध खनन के लिए बनाए गए पाइपों के अस्थायी पुल को प्रशासन ने लोगों की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया है। यह पुल अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी को नदी के दोनों किनारों के बीच लाने-ले जाने का मुख्य मार्ग था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, माइनिंग माफिया श्री आनंदपुर साहिब की ओर से पोकलेन, टिपर और अन्य भारी मशीनें इस पाइप पुल के माध्यम से नदी पार कर नूरपुर बेदी की ओर लाता था। रात के समय नदी किनारों से बड़े पैमाने पर रेत-बजरी का खनन किया जाता था और सुबह होने से पहले मशीनरी को वापस नदी पार करा दिया जाता था।
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक
मामले की गंभीरता को देखते हुए, विधायक दिनेश चड्डा की टीम और आसपास के गांवों के लोग सीधे सतलुज नदी किनारे घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को वह स्थान दिखाया, जहां अवैध रूप से पाइपों का पुल बनाया गया था और जहां से खनन गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि जब तक यह अस्थायी पुल मौजूद रहेगा, तब तक अवैध खनन पर रोक लगाना संभव नहीं होगा। इसलिए इस पुल को हटाना बेहद आवश्यक था। जनदबाव और मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद, एसडीओ नवदीप ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद, विभाग की टीम ने मशीनों की मदद से सतलुज नदी के भीतर बनाए गए पाइपों के अस्थायी पुल को तोड़ दिया।
अवैध खनन बर्दाश्त नहीं
एसडीओ नवदीप ने बताया कि यह कार्रवाई स्थल निरीक्षण और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अस्थायी पुल टूटने से माइनिंग माफिया का नदी पार करने का रास्ता बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है।
हालांकि, ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नदी किनारों पर लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए।
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