गोल्डन बंबू न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि अच्छी छाया भी देता है. यही वजह है कि इसे देखने के लिए आसपास के लोग पहुंच रहे हैं और इसकी जमकर सराहना कर रहे हैं. बागवानी के शौकीनों के लिए यह बांस एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है.अगर आप भी अपने गार्डन, घर के आंगन, कैफे या किसी सजावटी स्थान को खास और अलग लुक देना चाहते हैं, तो गोल्डन बंबू आपके लिए बेस्ट चॉइस हो सकता है. कम देखभाल में तेजी से बढ़ने वाला यह बांस छत्तीसगढ़ के मौसम के अनुकूल भी माना जाता है. देखिए ये रिपोर्ट और जानिए गोल्डन बंबू की वो खूबियां, जो इसे आम बांस से बिल्कुल अलग बनाती हैं.
रायपुर से अंबिकापुर तक गोल्डन बंबू का सफर
सिकंदर ने लोकल 18 को बताया कि वे किसी काम से रायपुर गए हुए थे. उसी दौरान सड़क किनारे स्थित एक पौधों की दुकान में उन्होंने गोल्डन बंबू देखा. दुकान में गुलाब समेत कई तरह के सजावटी पौधे बिक्री के लिए रखे थे, लेकिन सुनहरे तनों वाला यह बंबू उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आया. वहीं से उन्होंने इसे खरीदकर अंबिकापुर ले आए.
सुनहरे तने और हरी पत्तियां है पहचान
गोल्डन बंबू की सबसे बड़ी खासियत इसके तनों का सुनहरा रंग है. सिकंदर ने बताया कि इसकी जितनी भी नई ग्रोथ निकलती है, वह पूरी तरह गोल्डन रहती है, जबकि ऊपर की पत्तियां हरे रंग की होती हैं. यही वजह है कि यह पौधा दूर से ही अलग नजर आता है.
यह पौधा काफी घना होता है और खासकर बरसात के मौसम में इसकी ग्रोथ तेजी से होती है. एक ही जड़ से 8, 10, 20 , 25 तक नई ग्रोथ निकल आती है. इसकी ऊंचाई 4–5 फीट से लेकर 10–15 फीट तक हो सकती है, जिससे यह सजावट के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है.
सामान्य बांस से बिल्कुल अलग
सिकंदर ने बताया कि गोल्डन बंबू में करील (बांस की कोंपल) नहीं निकलती. इसकी ग्रोथ पतली और ढगाल टाइप की होती है. जहां गांव-देहात में मिलने वाले सामान्य बांस की मोटाई 3 से 5 इंच तक होती है, वहीं गोल्डन बंबू की मोटाई मुश्किल से 1 से 1.25 इंच तक ही रहती है
पतली ग्रोथ के कारण गोल्डन बंबू का उपयोग किसी सामान या फर्नीचर बनाने में नहीं किया जाता. यह मुख्य रूप से शो और सजावट के लिए लगाया जाता है. हालांकि, पहाड़ी इलाकों में कुछ लोग इसकी सीधी और पतली ग्रोथ से तीर जैसी छोटी चीजें बना लेते हैं.
गमले में नहीं, जमीन में लगाना बेहतर
गमले में लगाने के सवाल पर सिकंदर ने बताया कि गोल्डन बंबू गमले में लगाने से अच्छी ग्रोथ नहीं करता. इसे जमीन में लगाना ज्यादा बेहतर होता है. इसके लिए लगभग दो फीट का गड्ढा खोदना चाहिए और उसमें गोबर खाद या अन्य जैविक उर्वरक मिलाकर मिट्टी को भुरभुरा कर पौधा लगाना चाहिए.अगर गोल्डन बंबू को बरसात के मौसम में लगाया जाए, तो लगभग छह महीने में यह अच्छी ग्रोथ के साथ हरा-भरा नजर आने लगता है. सही देखभाल के साथ यह लंबे समय तक सजावटी खूबसूरती बनाए रखता है.
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