नगर निगम जालंधर ने शहर में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) प्रोग्राम को तेज़ी देते हुए वार्ड 10 और 11 में 1,017 आवारा कुत्तों की सफलतापूर्वक नसबंदी पूरी कर ली है। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स में एसपीसीए की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने इसे शहर में मानव और पशु दोनों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम बताया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अब यह अभियान वार्ड 8 और 9 में शुरू किया गया है और लक्ष्य है कि एक-एक करके शहर के सभी वार्डों में स्ट्रे-डॉग मैनेजमेंट को प्रभावी बनाया जाए।
इसी बैठक में उन्होंने सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने और उन्हें गौशालाओं में शिफ्ट करने की प्रगति का भी जायज़ा लिया। पिछले दो महीनों में 70 से अधिक आवारा मवेशियों को सुरक्षित रूप से दूसरी जगह भेजा गया, जिससे खासकर कोहरे के मौसम में सड़क हादसों की आशंका कम हुई है।
डीसी ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि करतारपुर में नई गौशाला का काम समय पर पूरा किया जाए और कनियां कलां गौशाला की क्षमता बढ़ाई जाए ताकि अधिक मवेशियों को वहां रखा जा सके। उन्होंने पीएसपीसीएल, तेल कंपनियों और एक्साइज़ विभाग को भी निर्देश दिए कि गौशालाओं के रखरखाव के लिए काउ सेस समय पर जमा कराया जाए। डॉ. अग्रवाल ने डेयरी किसानों से अपील की कि वे एसपीसीए के लाइफ़ मेंबर बनकर प्रशासन के साथ सहयोग करें और आवारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने के बजाय सरकारी गौशालाओं को सौंपें, ताकि शहर में सुरक्षा और स्वच्छता दोनों सुनिश्चित की जा सकें।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.