हल्द्वानी। चौक बाजार स्थित प्राइमरी स्कूल की दीवार से शनिवार शाम अचानक प्लास्टर सड़क पर गिरने से भगदड़ मच गई। प्लास्टर के साथ ही पत्थर भी गिरने लगे। गनीमत रही कि विद्यालय में अवकाश था। अगर स्कूल खुला होता तो जानमाल का नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोगों में शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को स्कूल की जर्जर हालत के बारे में पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद स्कूल की मरम्मत नहीं कराई जा रही।
चौक बाजार में स्थित तिमंजिल भवन में प्राइमरी स्कूल चलता है। यहां पहली और दूसरी मंजिल में भी कक्षाएं चलती हैं, इसमें 60 से अधिक बच्चे यहां अध्ययनरत हैं। भू तल में नगर निगम की दुकानें हैं। शनिवार शाम स्कूल की झांप और दीवार का प्लास्टर और पत्थर अचानक गिरन लगे। इससे बाजार में ठेले वालों और नीचे खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए आसपास की दुकानों में घुस गए। बीच बाजार हुई घटना से कुछ देर लोगों में दहशत रही। समाजसेवी प्रेम बेलवाल ने बताया कि स्कूल नहीं खुला था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि स्कूल की बदहाली के संबंध में वह कई बार शिक्षाधिकारी को मौखिक और लिखित रूप से बता चुके हैं। शायद विभागीय अधिकारी किसी दुर्घटना का ही इंतजार कर रहे थे। अब भवन से प्लास्टर गिरने के बाद सरिया नजर आने लगी हैं।
हल्द्वानी क्षेत्र के जितने भी स्कूल जीर्ण अवस्था में हैं, उनका स्टीमेट पहले मांगा गया था। खनन न्यास निधि से मरम्मत की जा सकती है। कुछ स्कूलों के लिए पैसा आ चुका है। इस स्कूल के लिए धनराशि मिली या नहीं इसे देखा जाएगा। जल्द स्कूल की मरम्मत कराई जाएगी।
-एचबी चंद, जिला शिक्षाधिकारी, बेसिक नैनीताल
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