कमरवारी के अरामपोरा में बड़ा हादसा टल गया। यहां घने रिहायशी क्षेत्र में एक मकान में आग लग गई। आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों को यहां बड़ी मात्रा में अवैध रूप से रखा मोनो अमोनियम फॉस्फेट मिला। अन्य कैमिकल और प्लास्टिक के ड्रम भी मिले। अधिकारियों के अनुसार अगर आग भड़कती को इलाके में तबाही आ सकती थी।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात 8:58 बजे श्रीनगर के कमरवारी स्थित अरामपोरा क्षेत्र में एक घर में आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद सफाकदल फायर स्टेशन से फायर टेंडर और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज हेडक्वार्टर से अतिरिक्त मदद को एक मिनट के अंदर मौके पर भेजा गया।
मौके पर पहुंचने पर पता चला कि एक मंजिला घर जिसे अवैध रूप से व्यवसायिक इकाई में बदल दिया गया था, इसका इस्तेमाल फायर एक्सटिंग्विशर को रीफिल करने और बड़ी मात्रा में मोनो अमोनियम फॉस्फेट पाउडर डंप करने के लिए किया जा रहा था। परिसर में सैकड़ों प्लास्टिक के बैरल भी रखे हुए थे जो घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में थे।
घर की अटारी वाले हिस्से में आग लग गई थी। तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया गया। एक गहन और समन्वित ऑपरेशन के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। आग को पास की रिहायशी इमारतों में फैलने से रोका गया।
शुरुआती जांच में पता चला कि इस घर में कई साल से अवैध रूप से रीफिलिंग का काम चल रहा था। पंजाब निवासी एक व्यक्ति अपने पिता के साथ यह काम कर रहा था। उसने बताया कि रिफिलिंग और सीलिंग का काम चनापोरा में स्थित यूनिट में किया जाता है। यहां सामान रखा गया था। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है और संबंधित अधिकारियों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी : डिप्टी डायरेक्टर
फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज कमांड श्रीनगर के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. मीर आकिब हुसैन ने इस घटना को सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
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