ज्योतिषाचार्य के अनुसार विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 48 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. इस समय में पूजा करने से व्रत का विशेष फल प्राप्त होता है. इस एकादशी का महत्व शत्रुओं पर विजय पाने से जुड़ा है.
क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत में बताया कि फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को ही विजया एकादशी कहा जाता है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में विजया एकादशी की तिथि 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष 13 फरवरी 2026 को विजया एकादशी का व्रत रखा जाएगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य के अनुसार विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 48 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. इस समय में पूजा करने से व्रत का विशेष फल प्राप्त होता है.
विजया एकादशी का महत्व
विजया एकादशी का नाम ही इसके महत्व को दर्शाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय से पहले इस एकादशी का व्रत रखा था जिससे उन्हें विजय प्राप्त हुई. तभी से यह एकादशी सफलता और विजय की प्रतीक मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने का मार्ग खुलता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. साथ ही यह व्रत पापों का नाश करने वाला भी माना गया है.
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