अंबाला-बठिंडा रेल खंड पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। इसके अलावा नई ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव तैयार होगा। राजपुरा रेलवे स्टेशन के नजदीक कौली बाईपास से यह सुविधा मिलेगी। इस बाईपास के बनने से ट्रेनों व मालगाड़ियों को राजपुरा रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राजपुरा से पहले ही ट्रेनें कौली बाईपास से बठिंडा की तरफ डायवर्ट हो जाएंगी। रेलवे इस योजना पर लगभग 411.96 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेंगा। इस योजना के तहत शंभू स्टेशन से कौली बाईपास तक लगभग 13.46 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी।
राजपुरा रेल यार्ड पर दबाव
मौजूदा समय में 100 से अधिक ट्रेनें राजपुरा रेल यार्ड से गुजरती हैं। इनमें से 30 के करीब ट्रेनों को राजपुरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव प्रदान किया जाता है लेकिन अन्य 70 ट्रेनों को भी राजपुरा रेलवे यार्ड में रोका जाता है ताकि ट्रेनों का सुरक्षित संचालन किया जा सके। इसलिए ट्रेनों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ता है और ट्रेनें लेट भी हो जाती थीं। इसलिए रेलवे ने इस परेशानी के समाधान के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व प्रस्ताव तैयार किया था ताकि बठिंडा की तरफ जाने वाली ट्रेनों को राजपुरा स्टेशन पर जाने की जरूरत न पड़े।
अंबाला-बठिंडा के बीच संचालित ट्रेनें
अंबाला मंडल के अधीन बठिंडा रेलवे स्टेशन पर मौजूदा समय में 10 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इसमें छह के करीब यात्री ट्रेनें भी शामिल हैं, वहीं एक वंदे भारत का संचालन भी बठिंडा से दिल्ली के बीच हो रहा है। ऐसे में ट्रेनों के समय में 20 से 30 मिनट का अतिरिक्त समय लग जाता है। पहले इन ट्रेनों को राजपुरा स्टेशन पर आना पड़ता है और यहां कुछ देर के ठहराव के बाद उन्हें गंतव्य स्टेशन के लिए हरी झंडी दी जाती है लेकिन कौली बाईपास बनने से सीधा ट्रेनों अंबाला से चलकर पटियाला और राजपुरा तक जा सकेंगी।
रेलवे ने कौली बाईपास के निर्माण की घोषणा कर दी है। यह योजना आने वाले समय में काफी कारगर साबित होगी। मौजूदा समय में संचालित ट्रेनों के समय में बचत होगी और नई ट्रेनों के संचालन की रुपरेखा तैयार हो सकेगी। -विनोद भाटिया, डीआरएम,अंबाला।
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